छत्तीसगढ़

Nasha Mukt Abhiyan : नई दिशा अभियान की बड़ी उपलब्धि, 181 युवाओं ने पाई नशे से मुक्ति

छत्तीसगढ़ में नशामुक्त समाज बनाने की दिशा में बलौदाबाजारभाटापारा जिले में संचालित ( Nasha Mukt Abhiyan ) नई दिशा पहल उल्लेखनीय सफलता दर्ज कर रही है। कलेक्टर दीपक सोनी के नेतृत्व में इस अभियान ने सैकड़ों युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालते हुए उन्हें सुरक्षित उपचार और पुनर्वास का अवसर प्रदान किया है। जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों से अब तक 181 युवा पूर्णतः नशामुक्त होकर सामान्य जीवन में लौट चुके हैं, जबकि 16 युवक वर्तमान में उपचाररत हैं।

https://youtu.be/Ggzw0uMgOGs

जिले में नशामुक्ति सेवाओं को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में संगी मितान सेवा संस्थान का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त यह संस्था जुलाई 2024 से बलौदाबाजार–भाटापारा रोड पर नशा मुक्ति केंद्र का संचालन कर रही है। यहाँ 192 युवक पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख, काउंसलिंग, योग, पौष्टिक भोजन, डिटॉक्सिफिकेशन और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से ( Youth Rehabilitation CG ) जीवन में नई दिशा पाई है।

उपचार सेवाओं के विस्तार के लिए भाटापारा के महारानी चौक में दूसरा नशा मुक्ति केंद्र भी प्रारंभ किया गया है। 15 बेड क्षमता वाले इस केंद्र में 10 युवक उपचाररत हैं। यह केंद्र न केवल चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रहा है बल्कि मनोवैज्ञानिक सहयोग और संरक्षित वातावरण मुहैया कराकर युवाओं को सही रास्ते पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

नई दिशा अभियान के तहत जिले में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। मास्टर वॉलेंटियर हर ग्राम पंचायत में नशा विरोधी संदेश प्रसारित कर रहे हैं। जिले के महाविद्यालयों में आयोजित 42 कैंप और 34 कार्यशालाओं में 24,107 विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया है।

साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाओं का लाभ 12,150 लोगों तक पहुँचाया गया है। भारत माता वाहिनी के 140 समूहों के 1400 सदस्य दीवार लेखन, पोस्टर और सतत जागरूकता के माध्यम से अभियान को और अधिक मजबूत बना रहे हैं।

https://youtu.be/T-2O9_FqjTs

नशा मुक्ति केंद्रों का प्रभाव केवल उपचार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध हुआ है। अनेक युवक उपचार के बाद केंद्र में ही केयरटेकर, कुक या अन्य सेवाओं से जुड़े कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार और सम्मान दोनों प्राप्त हुए हैं।

उनकी ये बदलती जीवन यात्राएँ जिले में प्रेरक उदाहरण बनकर उभर रही हैं और ( Drug Free Chhattisgarh ) के संकल्प को सशक्तता प्रदान कर रही हैं। बलौदाबाजार जिला प्रशासन का यह मॉडल न केवल नशामुक्ति सेवाओं को प्रभावी बना रहा है, बल्कि युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देकर समाज में परिवर्तन की नई नींव भी तैयार कर रहा है।

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