छत्तीसगढ़शिक्षा

Teacher Sells School Football : शराब की लत में शिक्षक ने स्कूल की बेच डाली फुटबॉल , बच्चों से…!

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले बकावंड विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां (Teacher Sells School Football) शराब के नशे में धुत एक शिक्षक ने अपनी लत पूरी करने के लिए स्कूल की फुटबॉल बेच दी। इतना ही नहीं, वह रोज नशे की हालत में स्कूल पहुंचता था और बच्चों के साथ मारपीट करता था। यह चौंकाने वाला मामला ग्राम पंचायत पाहुरबेल के आश्रित ग्राम दामागुड़ा स्थित (Teacher Sells School Football) नवीन प्राथमिक शाला का है। ग्रामीणों की शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने तत्काल एक्शन लिया है और आरोपी शिक्षक का वेतन रोकते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

https://www.youtube.com/watch?v=ABYEAAM8XSc

बच्चों से मारपीट, स्कूल की संपत्ति बेची

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षक रोज शराब पीकर स्कूल आता था। बच्चों से दुर्व्यवहार करता था, बाल खींचता था और मारपीट करता था। बच्चों के अनुसार, शिक्षक ने शराब खरीदने के लिए स्कूल का फुटबॉल बेच दिया। (Teacher Sells School Football) इतना ही नहीं, मिड-डे मील की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है बच्चों को पर्याप्त भोजन नहीं दिया जाता, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

रोका वेतन, निलंबन का प्रस्ताव भेजा

ग्रामीणों की शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए (Action Against Drunk Teacher Chhattisgarh) आरोपी शिक्षक चैतूराम का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही निलंबन की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। बीईओ ने कहा कि “विद्यालय में अनुशासनहीनता और छात्रों से दुर्व्यवहार के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। शिक्षा का वातावरण खराब करने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

https://www.youtube.com/watch?v=47UAlNPdW5c

Teacher Sells School Football ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

गांव के लोगों ने प्रशासन के कदम का स्वागत किया है और मांग की है कि विद्यालय में (New Teacher Appointment Bastar) जल्द नए शिक्षक की नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होती रही, तो स्कूलों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

Related Articles

Back to top button