संपादकीय: पीएम के लिए अपशब्दों का प्रयोग निंदनीय

संपादकीय: पीएम के लिए अपशब्दों का प्रयोग निंदनीय

Using abusive language for PM is reprehensible

Using abusive language for PM is reprehensible


Editorial: राजनीति में एक दूसरे के आरोप-प्रत्यारोप तो लगते ही हैं किन्तु मर्यादा की सीमा का सभी को ख्याल रखना चाहिए। किन्तु पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि राजनीति में शुचिता कायम रखने में नेताओं की रूचि कम होती जा रही है। वे अपने आपा खोकर विरोधी नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टीका टिप्पणी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे बड़बोले नेताओं की देखा देखी उनके कार्यकर्ता तो उनसे भी चार कदम आगे जाकर अब गाली गलौच पर उतरने लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण बिहार के दरभंगा में देखने को मिला जहां कांग्रेस के मंच से कुछ कार्यकर्ताओं ने माइक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी माता जी को लेकर गंदी-गंदी गालियों की बौछार कर दी।

हालांकि पुलिस ने ऐसे एक गालीबाज कार्यकर्ता को गिरफ्तार करा लिया है और अन्य कार्यकर्ताओं की तलाश की जा रही है। पीएम मोदी को दी गई इस गाली से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में गहन रोष व्याप्त हो गया है और वे राहुल गांधी तथा तेजस्वी यादव से यह मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपमान के लिए वे माफी मांगे। बिहार की राजधानी पटना में तो भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतर आये और उन्होंने पटना स्थित कांग्रेस कार्यालय का घेराव करके जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिससे वहां अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई।

कांग्रेस कार्यालय में जमा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपाइयों पर पत्थर फेंके नतीजतन भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच लगभग आधे घंटे तक संघर्ष हुआ दोनों ने ही एक दूसरे पर लाठी और पत्थर से हमला किया जिससे कई कार्यकर्ता घायल हो गये। जाहिर है किसी भी क्रिया की प्रतिक्रिया तो होती ही है। बहरहाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपमान की पराकाष्ठा पार करने वाले विपक्ष को अब इसका खामियाजा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भुगतना ही पड़ेगा। इसके पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जब जब कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था तब तब उसे चुनाव में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था।

इस बार भी बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष को इस घोर निंदनीय कृत्य का खामियाजा भुगतना पड़ेगा तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। बेहतर होगा कि विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता पूर्व के कटु अनुभव से सबक लें और प्रधानमंत्री सहित अन्य किसी भी नेता के खिलाफ इस तरह की अभद्र और अवांछनीय टिप्पणी करने से बाज आयें अन्यथा उन्हें इसका गंभीर दुष्परिणाम झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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