जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव : भाजपा-कांग्रेस में जीते के दावों की मची होड़
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रायपुर। (Three tier panchayat elections) त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पूरे होने के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव पांच मार्च को होना है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस ने इसे लेकर अपना-अपना दावा किया है। जहां एक तरफ भाजपा का सभी जिलों में भाजपा के अध्यक्ष बनने का दावा है, वहीं कांग्रेस का कहना है, 25 जिलों में कांग्रेस के अध्यक्ष बन जाएंगे। पंचायत चुनाव राजनीति पार्टियों पर आधारित नहीं होते हैं।
वैसे जिला पंचायतों के लिए जो सदस्यों का चुनाव होता है, उसके लिए जरूर राजनीतिक पार्टियां अपने अधिकृत प्रत्याशी तय करती है, लेकिन इनको पार्टी का चुनाव चिन्ह नहीं मिलता। ऐसे में पार्टियों के इन प्रत्याशियों के जीतने के आधार पर पार्टियां दावा करती हैं। तीन चरणों में हुए चुनाव में भाजपा और कांग्रेस का अपना-अपना दावा सामने आया है। दोनों ही पार्टियां तीन चरणों में ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रही हैं। इसी के साथ जिलों में बहुमत को लेकर भी दोनों पार्टियां का अपना-अपना दावा है। यही नहीं, पंच और सरपंचों की जीत को लेकर भी दोनों पार्टियां यह दावा कर रही कि उनकी पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता ही ज्यादा जीते हैं।
भाजपा का सभी जिलों में जीतने का दावा
पंचायत चुनाव के भाजपा के प्रदेश प्रभारी सौरभ सिंह का कहना है, पंचायत चुनाव में जिला पंचायतों के सदस्यों के चुनाव में भाजपा को 31 जिलों में बहुमत मिल गया है। ऐसे में 31 जिलों में तो भाजपा के जिलाध्यक्ष बनने तय हैं। इसी के साथ रायपुर और सुकमा में हम बराबरी पर हैं। इनमें भी हमारा प्रयास भाजपा के जिलाध्यक्ष बनाने का रहेगा। सभी स्थानों पर भाजपा के प्रत्याशी जिला अध्यक्षों का चुनाव लड़ेंगे और जीतकर आएंगे।
कांग्रेस का 18 जिलों में बहुमत का दावा
कांग्रेस संचार विभाग के सुशील आनंद शुक्ला का कहना है, कांग्रेस को 18 जिलों में बहुमत मिला है। सात जिलों में हम अन्य का साथ लेकर जिला अध्यक्ष बनाने की स्थिति में हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस के 25 जिलों में जिलाध्यक्ष बन जाएंगे।