संपादकीय

आज का बेबाक : नई दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान खुली झूठ की दुकाने

Shops of lies opened during New Delhi Assembly elections: झूठ बोलना भले ही पाप समझा जाता है लेकिन अपराध की श्रेणी में नहीं आता, यही वजह है कि लोग झूठ बोलने में संकोच नहीं करते। खासतौर पर नेता तो झूठ पर झूठ बोलना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।

ज्यौं ज्यौं देश में कौओं की प्रजाति विलुप्ति की कगार पर पहुंच रही है त्यौं त्यौं नेताओं में झूठ बोलने की प्रवृत्ति बढ़ती ही जा रही है। अब उन्हें काले कौंऐ के काटने का डर जो नहीं रहा। नई दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान तो झूठ की दुकाने खुल गई है। झूठे वादों और झूठी घोषणाओं की बौछार हो रही है।

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