बौखलाहट.. माओवादियों ने सुरक्षा जवानों के 15 परिजनों को गांव से भगाया
नक्सलियों ने फरमान सुनाया कि वे तत्काल गांव छोड़ दें नहीं तो अंजाम बुरा होगा..
- छत्तीसगढ़ में सुरक्षा जवानों की लगातार कार्रवाई से नक्सलियों की लगातार मौत
- गिरफ्तारी और घर वापसी से नक्सल संगठन लगातार कमजोर हो रहा है
- बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा जानकारी ली जा रही है
नारायणपुर (बस्तर)/नवप्रदेश। Chhattisgarh Bastar Narayanpur Maoism: प्रदेश में माओवादियों के खिलाफ लगातार हो रही कड़ी कार्रवाई से नक्सली बौखलाए हुए हैं। वे अब आम लोगों को लिए नई-नई परेशानी पैदा करने की कोशिश करने लगे हैं। इस बार वे सुरक्षा जवानों के गांवों में रह रहे परिवार को परेशान करने लगे हैं। उन्हें मूल निवास से चले जाने की धमकी दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है।
मिली जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ में सुरक्षा जवानों की लगातार कार्रवाई से साथियों की लगातार मौत, गिरफ्तारी और घर वापसी से नक्सल संगठन कमजोर होता जा रहा है। इसी का परिणाम है कि नारायणपुर जिले के आदनार के मुसलनार गांव में रहने वाले डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों के परिवार के 15 सदस्यों को नक्सलियों ने गांव से बेदखल कर दिया है।
जिला मुख्यालय में शरण
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार परिवारों के नाम नक्सलियों ने रविवार को फरमान सुनाया कि वे तत्काल गांव छोड़ दें नहीं तो अंजाम बुरा होगा। नक्सलियों की ओर से मिलने वाले फरमान के बाद किसी अनहोनी से परेशान परिवार के 15 लोगों ने मंगलवार की शाम गांव छोड़ दिया है और जिला मुख्यालय में शरण लिए हैं।
जनप्रतिनिधि भी जान बचाने गांव छोड़ा
गौरतलब है कि नारायणपुर जिले में ऐसे कई लोग हैं जो नक्सली दहशत की वजह से पहले ही गांव छोड़कर जिला मुख्यालय में रहने को मजबूर हैं, जिसमें हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित हेमचंद मांझी तथा कई सरपंच-पंच भी शामिल हैं।
पुर्नवास की व्यवस्था की जाएगीः आईजी
मामले पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बुधवार को कहा कि इस मामले की जानकारी ली जा रही है कि डीआरजी जवानों के परिवारों के 15 लोगों को गांव छोड़कर यहां कैसे आना पड़ा, उनका ध्यान रखा जाएगा। उनके पुर्नवास की व्यवस्था की जाएगी।
दो सदस्यों को नक्सलियों ने मार डाला
इधर परिवार के सदस्य रैनू पंडा ने बताया कि जिस परिवार को नक्सलियों ने गांव से बेदखल किया है उस परिवार के दो सदस्यों को नक्सली पहले ही पुलिस का साथ देने का आरोप लगाकर मौत के घाट उतार चुके हैं। परिवार का एक युवक डीआरजी में जवान है। नक्सलियों को यही बात नागवार गुजर रही है और परिवार के लिए गांव निकाला का फरमान जारी किया गया है।