108 Ambulance Service Chhattisgarh : 108 एंबुलेंस संचालन के लिए नई एजेंसी तय, बेड़े में जुड़ेंगी 100 नई गाड़ियां

108 Ambulance Service Chhattisgarh

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छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश में 108 Ambulance Service Chhattisgarh के संचालन की जिम्मेदारी अब नई एजेंसी को सौंपी जाएगी। इसके लिए पूरी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है।

नई एजेंसी के कार्यभार संभालते ही राज्य में 108 एंबुलेंस बेड़े में 100 नई एंबुलेंस गाड़ियां जोड़ी जाएंगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और क्षमता बढ़ेगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई एजेंसी के संचालन में आने से 108 Ambulance Service Chhattisgarh को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और बेहतर प्रबंधन प्रणाली का लाभ मिलेगा। इसका सीधा फायदा आपात स्थिति में मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता मिलने के रूप में सामने आएगा।

वर्तमान में 275 एंबुलेंस, अब 100 और जुड़ेंगी

फिलहाल छत्तीसगढ़ में 108 सेवा के तहत 275 एंबुलेंस संचालित हो रही हैं। नई एजेंसी के जुड़ने के बाद इस संख्या में 100 नई गाड़ियों की बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल एंबुलेंस की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि रिस्पॉन्स टाइम में भी सुधार होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अतिरिक्त एंबुलेंस शामिल होने से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भी 108 Ambulance Service Chhattisgarh की प्रभावशीलता बढ़ेगी।

तीन बार टेंडर प्रक्रिया, तीसरी बार मिली सफलता

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) द्वारा 108 एंबुलेंस सेवा के लिए अप्रैल 2025 में पहला टेंडर जारी किया गया था। इस टेंडर में तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया, लेकिन तकनीकी और वित्तीय बिड खुलने के बाद प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया।

इसके बाद दूसरी बार टेंडर जारी किया गया, लेकिन इस बार किसी भी कंपनी ने रुचि नहीं दिखाई। तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें केवल एक कंपनी GVK ने भाग लिया। सभी शर्तें पूरी होने के बाद GVK को 108 Ambulance Service Chhattisgarh के संचालन की जिम्मेदारी सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

प्रति एंबुलेंस खर्च में बढ़ोतरी, सेवाओं का होगा विस्तार

नई निविदा के तहत प्रति एंबुलेंस 2 लाख 30 हजार रुपये प्रतिमाह की दर तय की गई है, जबकि पहले यह खर्च 1 लाख 90 हजार रुपये प्रतिमाह था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार को ध्यान में रखकर की गई है।

निविदा शर्तों के अनुसार, नई एजेंसी को 108 सेवा के तहत प्रति एंबुलेंस प्रतिदिन औसत ट्रिप की संख्या तीन से बढ़ाकर चार करनी होगी। इसके साथ ही एंबुलेंस की प्रतिदिन तय दूरी की सीमा को 120 किलोमीटर से बढ़ाकर 160 किलोमीटर कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण ईंधन और मेंटेनेंस पर प्रति वाहन लगभग 10 हजार रुपये मासिक का अतिरिक्त खर्च आएगा।

आधुनिक तकनीक होगी अनिवार्य

नई निविदा में तकनीकी सुधारों पर भी विशेष जोर दिया गया है। 108 Ambulance Service Chhattisgarh के तहत अब सभी एंबुलेंस में एलबीएस (Location Based Service) और एमडीटी (Mobile Data Terminal) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। इससे एंबुलेंस की लाइव ट्रैकिंग, कॉल रिस्पॉन्स टाइम और मरीजों की जानकारी को बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा।

24×7 आपातकालीन सेवा, जनता को मिलेगा सीधा लाभ

108 एंबुलेंस भारत की एक टोल-फ्री आपातकालीन सेवा है, जो चिकित्सा, पुलिस और अग्निशमन जैसी आपात स्थितियों में चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करती है। छत्तीसगढ़ में 108 Ambulance Service Chhattisgarh लंबे समय से गंभीर मरीजों, सड़क दुर्घटना पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपात मामलों में जीवन रक्षक भूमिका निभाती आ रही है।

नई एजेंसी के संचालन और 100 नई एंबुलेंस के जुड़ने से राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे न केवल सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि आम जनता का भरोसा भी और मजबूत होगा।

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