संपादकीय: वेनेजुएला पर अमेरिका का हमला

US attack on Venezuela

US attack on Venezuela


Editorial: आखिरकार अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर वहां अपनी पि_ू सरकार बनवाने का रास्ता साफ कर ही लिया।यही नहीं बल्कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक भी बना लिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो यह भी एलान कर दिया है कि अब वेनेजुएला पर अमेरिका का नियंत्रण हो गया है। अमेरिका की इस कार्वाही पर दुनिया से मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आ रही है। रुस, चीन और इरान सहित कई देशों ने इसे अमेरिका की दादागिरी करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।

उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग ने वेनेजुएला पर किए गए हमले पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका को सीधे धमकी दे डाली है कि निकोलस मादुरो को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए कहा है कि उत्तर कोरिया इस जंग में शामिल हो जाएगा और विश्व युद्ध हो सकता है। खुद अमेरिका में भी ट्रंप की इस कार्यवाही का विरोध हो रहा है। अमेरिका की पूर्व उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने वेनेजुएला पर हमले की कड़ी निंदा की है। नही दूसरी ओर इजराइल, फ्रांस, पनामा और चिली सहित कई देश अमेरिका की इस कार्यवाही को उचित करार दे रहे हैं।

फिलहाल वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने वहां की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिक्ज को वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया है जिन्होंने निकोलस मादुरो को शीघ्र रिहाई करने की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि वेनेजुएला किसी का उपनिवेश नहीं बनेगा। दरअसल यह पूरा खेल तेल का है। वेनेजुएला में तेल का अकूत भंडार है जिस लंबे समय से अमेरिका की गिद्ध दृष्टि गड़ी हुई है लेकिन वहां की वामपंथी सरकार अमेरिका को घास नहीं डाल रही थी और चीन व रुस से नजदीकी बढ़ा रही थी। जो डोनाल्ड ट्रंप को फूटी आंख नहीं सुहा रही थी।

नतीजतन उसने वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की और अब वेनेजुएला पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। जाहिर वे लोकतंत्र की बहाली के नाम पर वहां अपनी पसंद की सरकार बनवाएंगे और वेनेजुएला के तेल भंडार का अमेरिकी कंपनियों द्वारा दोहन कराएंगे। बहरहाल देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका की इस दादागिरी के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र क्या कदम उठाया है या फिर समरथ को नहीं दोष गोसाई वाली युक्ति को चरितार्थ कर दिखाता है।