संपादकीय: कब रूकेगी रसोई गैस की कालाबाजारी

Editorial: मिडिल ईस्ट में पिछले 22 दिनों से चल रही जंग के चलते पूरी दुनिया में तेल और गैस का संकट गहराता जा रहा है भारत में अभी तक स्थिति बेकाबू नहीं हुइ है लेकिन अब यहा भी रसोई गैस का संकट गहराने लगा है। सरकार लगातार दावा कर रही है कि रसोई गैस का पर्याप्त भंडार है और इसे लेकर विपक्ष अफवाह फैला रहा है।
किन्तु हकीकत यह है कि देश के काने कोने में गैस की किल्लत मची हुई है जिसकी सबसे बड़ी वजह गैस सिलेन्डरों की कालाबाजारी है जिसे रोकने के लिए सरकार ने देशभर में 4600 स्थानों पर छापे मारे हैं और हजारों गैस सिलेन्डर जब्त भी किये हैं इसके बावजूद गैस की कालाबाजारी धडल्ले से जारी है और इसे लेकर मारा मारी मची हुई है। मुंबई और सोलापुर में तो लोग गैस की लाइन में लग कर रतजगा करने पर बाध्य हो रहे हैं।
कमोवेश यही स्थिति सभी जगह देखी जा रही है और अब तो लोगों ने इंडेक्शन खरीदना शुरू कर दिया है और अब उसके दाम भी दोगुने से भी ज्यादा हो गये हैं। स्टो भी महंगा हो गया है और उसपे लगने वाले केरोसीन के दाम भी 120रू. लीटर से बढ़कर 160रू. हो गया है। हालांकि केन्द्र सरकार ने गैस की किल्लत दूर करने राज्यों को 20 प्रतिशत ज्यादा गैस देने का निर्णय लिया है लेकिन जरूरी है कि गैस की कालाबाजारी कड़ाईपूर्वक रोकी जाये तभी लोगो राहत मिलेगी।



