भारत – अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उठे राजनीतिक और नीतिगत सवालों के बीच White House ने अपनी फैक्ट शीट (White House Fact Sheet) में बड़ा संशोधन किया है।
संशोधित संक्षिप्त ब्यौरे से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत द्वारा अमेरिका से दालों के आयात या उन पर टैरिफ खत्म करने को लेकर कोई सहमति नहीं बनी है। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों की खरीद को लेकर भी बाध्यता वाली भाषा हटा दी गई है।
दरअसल, एक दिन पहले जारी फैक्ट शीट में दावा किया गया था कि भारत कुछ दालों पर आयात शुल्क को समाप्त या कम करेगा। इस बयान के सामने आते ही देश में राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। लेकिन मंगलवार देर शाम जारी संशोधित फैक्ट शीट में दालों का जिक्र पूरी तरह गायब है, जिससे भारत सरकार के रुख को मजबूती मिली है।
कृषि संवेदनशीलता पर बदला रुख
संशोधित दस्तावेज यह संकेत देता है कि अमेरिका ने भारत की कृषि संबंधी संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी भाषा में नरमी (White House Fact Sheet) बरती है। भारत सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी थी कि किसानों और घरेलू बाजार को प्रभावित करने वाले किसी भी संवेदनशील कृषि उत्पाद के आयात को नहीं खोला जा रहा है।
दालें भारतीय कृषि और उपभोक्ता बाजार के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती हैं और इन पर टैरिफ में बदलाव का सीधा असर कीमतों पर पड़ सकता था।
500 अरब डॉलर की खरीद अब ‘इरादा’, बाध्यता नहीं
फैक्ट शीट में दूसरा बड़ा बदलाव 500 अरब डॉलर की खरीद से जुड़ा है। पहले दावा किया गया था कि भारत अमेरिका से ऊर्जा, आईटी, कोयला जैसे उत्पादों की इतनी बड़ी खरीद के लिए प्रतिबद्ध है। संशोधित संस्करण में अब कहा गया है कि भारत ऐसे उत्पाद खरीदने का इरादा रखता है, यानी यह कोई कानूनी या नीतिगत बाध्यता नहीं होगी। यह बदलाव वाशिंगटन के अधिक लचीले और संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
मोदी – ट्रंप वार्ता के अनुरूप संशोधन
विशेषज्ञों का मानना है कि फैक्ट शीट में किए गए ये संशोधन नरेन्द्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई हालिया बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान के अधिक (White House Fact Sheet) अनुरूप हैं। पहले जारी फैक्ट शीट से भारत सरकार असहज नजर आ रही थी, जबकि संशोधित दस्तावेज दोनों देशों की साझा समझ को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करता है।
डिजिटल व्यापार पर होगी अलग से बातचीत
संशोधित फैक्ट शीट में डिजिटल सेवाओं से जुड़े टैक्स को लेकर भी अहम बदलाव किया गया है। पहले कहा गया था कि भारत डिजिटल सर्विसेज टैक्स को हटाने पर सहमत है, लेकिन अब यह दावा पूरी तरह हटा दिया गया है। नई फैक्ट शीट में केवल इतना कहा गया है कि भारत और अमेरिका डिजिटल व्यापार नियमों पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें भेदभावपूर्ण प्रथाओं और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने पर फोकस रहेगा।
कुल मिलाकर, अमेरिका द्वारा फैक्ट शीट की भाषा में किया गया यह बदलाव बताता है कि व्यापार समझौते जैसे संवेदनशील मुद्दों पर वाशिंगटन अब अधिक सावधानी और राजनीतिक संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।

