When will the deadly DJ be banned? : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी में डीजे की कानफोडू तेज आवाज के कारण एक मासूम बच्चे की हृदय विदारक मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने डीजे वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। किन्तु वे जल्द ही जमानत पर छूट जाएंगे। और फिर इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देने का कारण बनेंगे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी जनस्वास्थ्य के लिए खतरनाक सिद्ध हो रहे डीजे पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये हैं। निर्धारित आवाज से ज्यादा तेज आवाज पर बजने वाले डीजे के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का आदेश दिया है लेकिन कोर्ट के इन निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। सुबह छह बजे से रात्रि 10 बजे तक ही ध्वनि प्रसारण यंत्रों के उपयोग की इजाजत है इसके बाद किसी भी तरह के ध्वनि प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज भ्ी तय सीमा से ज्यादा होने पर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की चेतावनी दे रखी है किन्तु इसके लिए जिम्मेदारी तय न होने के कारण ध्वनि विस्तारक यंत्रों का मनमाना उपयोग हो रहा है। जो जानलेवा भी साबित होने लगा है। हृदय रोग से ग्रसित बुजुर्गों के लिए तो डीजी की तेज आवाज बेहद खतरनाक होती है। पूर्व में भी इस वजह से कई लोग असमय ही काल का ग्रास बन चुके हैं।
बहरहाल मस्तूरी की इस दुखद घटना से सबक लेकर शासन प्रशासन का ेडीजे सहित अन्य ध्वनि प्रसारण यंत्रों के दुरूपयोग पर कड़ाई पूर्वक रोक लगाने तथा सुप्रीमकोर्ट के दिशा निर्देशों का सख्तीपूर्वक पालन कराने के लिए कारगर कदम उठाना चाहिए ताकि ऐसी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो।