Water Crisis : राजधानी से उठी चिंता के बाद हरकत में आया प्रशासन, दूषित पानी की खबर पर मुख्यमंत्री ने किया सीधा फोन

सरगुजा के मैनपाट इलाके की चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक (Water Crisis) हलचल तेज हो गई। गांव में रहने वाले लोगों के बीच लंबे समय से साफ पानी की परेशानी चर्चा का विषय बनी हुई थी। कई परिवार आज भी नाला और ढोढ़ी के पानी पर निर्भर हैं, जिससे लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों देखने को मिल रही थी।

बुधवार सुबह जब यह मामला सामने आया तो शासन स्तर पर भी तेजी से गतिविधियां बढ़ीं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खबर को गंभीरता से लेते हुए तुरंत अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद जिला प्रशासन को प्रभावित इलाके में जल्द व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को किया फोन (Water Crisis)

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुबह समाचारों का अवलोकन करते समय मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट से जुड़ी खबर पर संज्ञान लिया। उन्होंने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में जल्द पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण करने और तत्काल जरूरी कदम उठाने को कहा। निर्देश में हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और स्थायी समाधान की दिशा में प्राथमिकता से काम करने की बात कही गई है।

बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा पर जोर (Water Crisis)

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सबसे जरूरी है। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

जमीन पर असर दिखाने की बात

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त (Water Crisis) नहीं है, बल्कि उनका लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंचे यह सुनिश्चित करना जरूरी है। शासन का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक बुनियादी सुविधा पहुंचाना है।

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