बिलासपुर में इन दिनों अदालत से जुड़े लोगों के बीच एक नई व्यवस्था की चर्चा तेज (Video Conferencing) हो गई है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती आवाजाही के बीच हाईकोर्ट की तरफ से लिया गया फैसला अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए राहत वाला माना जा रहा है। कोर्ट परिसर में सुबह से इसी बदलाव को लेकर हलचल बनी रही और लोग नई व्यवस्था को लेकर जानकारी लेते नजर आए।
कई वकीलों का कहना है कि गर्मी के दिनों में दूरदराज से अदालत पहुंचना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अब छुट्टियों के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई होने की व्यवस्था को सुविधाजनक कदम माना जा रहा है। अदालत से जुड़े कर्मचारियों और याचिकाकर्ताओं के बीच भी इस फैसले को लेकर अलग अलग प्रतिक्रिया देखने को मिली।
समर अवकाश के लिए जारी हुआ विशेष परिपत्र : Video Conferencing
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रशासन ने समर वेकेशन को लेकर नया परिपत्र जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के निर्देश पर जारी इस व्यवस्था में अदालत की कार्यप्रणाली को आसान और व्यवस्थित बनाए रखने पर जोर दिया गया है। छुट्टियों के दौरान अधिकतर मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो सके।
कार्यालयों में सीमित उपस्थिति की व्यवस्था
परिपत्र में हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन घर से काम करने की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि इसके साथ यह भी तय किया गया है कि कार्यालयों में कम से कम आधे कर्मचारी मौजूद रहेंगे ताकि नियमित काम प्रभावित न हो। घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य आधिकारिक माध्यमों से लगातार उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ईंधन बचत पर भी दिया गया जोर
नई व्यवस्था में ईंधन की बचत और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी विशेष ध्यान (Video Conferencing) रखा गया है। न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कार पूलिंग व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर न्यायाधीशों को भी इस व्यवस्था के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।
तकनीकी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से कहा गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी सुविधाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए जाएंगे। इसके जरिए अवकाश अवधि में भी मामलों की सुनवाई बिना रुकावट जारी रखने की तैयारी की गई है।
