Raas Garba खेलने के लिए वैक्सीन की दो डोज है जरुरी…पढ़े कई और नियम

रायपुर/नवप्रदेशRaas Garba : एक साल बाद यह पहला मौका है जब रायपुर में गरबा आयोजनों को छूट दी गई है। हालांकि इस वर्ष गरबा सहित पूजा मंडप से लेकर अनेक आयोजनों पर कुछेक बंदिशों के साथ मंजूरी मिली है। रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने इसे लेकर गाइडलाइन जारी करते हुए कहा कि कार्यक्रम स्थलों पर सिर्फ वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को ही एंट्री मिलेगी। एंट्री गेट पर सभी का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जांचा जाएगा।

नवरात्रि के मौके पर राजधानी में किसी भी रास-गरबा कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संख्या अधिकतम 200 तय कर दी गई है। कॉलोनियों, अपार्टमेंट, भवनों या हॉल में गरबा हुआ तो परिसर की क्षमता से आधे लोग ही मौजूद रह पाएंगे।

गरबा-डांडिया खेलने की अनुमति सिर्फ उन्हें होगी, जिन्हें वैक्सीन का डबल डोज लगा हो। इसकी जांच प्रवेश द्वार पर ही आयोजन समिति करेगी। इसके लिए लोगों को मोबाइल पर आए एसएमएस या वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखाना होगा। यही नहीं, गरबा (Raas Garba) कार्यक्रम की समय सीमा रात 10 बजे तक तय की गई है। नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही शहर में होने वाले गरबा कार्यक्रमों के लिए कलेक्टर ने गुरुवार की शाम नई गाइडलाइन जारी कर दी। हालांकि इसमें समय को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है।

गरबा (Raas Garba) की इवेंट कंपनियों का कहना है कि रात 10 बजे के बाद गरबा शुरू होता है ऐसे में प्रशासन को कम से कम रात 12 बजे तक कार्यक्रम करने की अनुमति दी जानी चाहिए थी। कलेक्टर के गाइडलाइन के अनुसार आयोजन में अगर कोई कोरोना संक्रमित को प्रवेश देने से दूसरे लोगों में बीमारी फैलती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजन समिति के सदस्यों पर होगी। उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसलिए बिना जांच के किसी भी व्यक्ति को आयोजन स्थल पर प्रवेश न दिया जाए। इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाए। आयोजन स्थलों की जांच का जिम्मा प्रशासन, पुलिस और निगम अफसरों को जोन वाइज दी गई है।

इन शर्तों पर गरबा

इन नियमों का करना होगा पालन

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