उन्नाव रेलवे स्टेशन पर देर रात का माहौल सामान्य (Train Survival) था। यात्री अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे और प्लेटफार्म पर रोज की तरह आवाजाही जारी थी। तभी अचानक एक ऐसी घटना हुई जिसने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। कुछ सेकंड के भीतर लोगों की नजरें ट्रैक की ओर टिक गईं और स्टेशन पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद यात्रियों के बीच सिर्फ इसी बात की चर्चा रही कि आखिर महिला की जान कैसे बच गई। जिसने भी यह दृश्य देखा, वह हैरान रह गया। ट्रेन गुजरने के बाद जब महिला सुरक्षित दिखाई दी तो मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात एक महिला चलती ट्रेन के सामने ट्रैक पर पहुंच गई। आम्रपाली एक्सप्रेस के छह डिब्बे उसके ऊपर से गुजर गए, लेकिन ट्रैक के बीचो बीच लेट जाने के कारण उसकी जान बच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
कोरबा जिले की रहने वाली है महिला Train Survival
महिला की पहचान छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के आम्रपाली गांव निवासी रामशिला के रूप (Train Survival) में हुई है। वह अपने पति गंगाराम, बेटे सागर और भाई जय के साथ उत्तर प्रदेश के अचलगंज क्षेत्र में स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रही थी। परिवार कई महीनों से वहीं रह रहा था।
गांव लौटने के लिए पहुंचे थे स्टेशन
शनिवार रात पूरा परिवार अपने गांव लौटने की तैयारी में था। सभी उन्नाव रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। परिवार के सदस्य प्लेटफार्म पर मौजूद थे, जबकि बेटा कुछ सामान लेने बाहर गया हुआ था।
अचानक ट्रैक पर पहुंच गई महिला
इसी दौरान रात करीब 12 बजकर 4 मिनट पर लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंच (Train Survival) रही थी। तभी रामशिला अचानक ट्रेन के सामने ट्रैक पर चली गई। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए और रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दी गई।
छह डिब्बे गुजरने के बाद बची जान
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार महिला ट्रैक के बीच में लेट गई थी। इसी वजह से ट्रेन के छह डिब्बे उसके ऊपर से गुजरने के बावजूद वह सुरक्षित बच गई। हालांकि इस दौरान उसके कान में चोट आई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया और उपचार कराया गया।
