बिलासपुर में मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटना के बाद पूरे इलाके में दिनभर इसी हादसे की चर्चा (Train Derailment) होती रही। शुरुआत में लोग इसे तकनीकी खराबी मान रहे थे, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो सामने आए तथ्यों ने सभी को चौंका दिया। रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके से मिले सुरागों के आधार पर जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया।
घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने कई स्थानों की जानकारी जुटाई और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से कार्रवाई शुरू की। जांच में एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती गईं, जिसके बाद कई लोगों की भूमिका सामने आई और मामले में बड़ी कार्रवाई की गई।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से मिली अहम कड़ी Train Derailment
बिलासपुर के करगी रोड रेलवे स्टेशन पर 13 जुलाई की दोपहर करीब 2 बजकर 20 मिनट पर मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
घटना की जांच के दौरान रेलवे अधिकारियों को डिब्बों के नीचे जेसीबी मशीन का बकेट फंसा मिला। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल ने बिलासपुर से इंदौर तक विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।
ट्रैक पर छोड़ा गया था जेसीबी का बकेट
जांच में सामने आया कि प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जेसीबी का बकेट उतारने के बाद 5 से 6 मजदूर उसे प्लेटफॉर्म नंबर 1 की ओर ले जा रहे थे। इसी बीच मालगाड़ी आती दिखाई दी तो मजदूर भारी बकेट को रेलवे ट्रैक पर छोड़कर वहां से भाग गए। बताया गया कि ट्रैक पर पड़े उसी बकेट से टकराने के बाद मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए और हादसा हो गया।
10 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार Train Derailment
रेलवे सुरक्षा बल ने मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना, नरहर सिंह उर्फ पिंटू, देवा सिंह, बुद्धू सिंह, छत्रपति मरावी, लोकेश मांडवी, अनुराग मरावी, अभिषेक यादव, जेसीबी बकेट मंगवाने वाला मोहम्मद शमीर और कोच अटेंडेंट अमित यादव शामिल हैं।
निजी ठेकेदार की तलाश जारी
मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे निजी ठेकेदार पवन नायक की तलाश (Train Derailment) जारी है। रेलवे सुरक्षा बल उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
