संपादकीय: सरकार पहुंच रही जनता के द्वार

Editorial: हर साल की तरह ही इस बार भी छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार सुशासन तिहार मना रही है। इसके तहत गांव से लेकर शहरों में वार्ड स्तर तक जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। सरकार को जनता के द्वार तक पहुचाने की इस अभिनव पहल को लोग मुक्तकंठ से सराह रहे हैं। गौरतलब है कि अविभाजित मध्यप्रदेश में जब छत्तीसगढ़ ही मध्यप्रदेश का हिस्सा हुआ करता था तब पहली बार जनता से सीधा संवाद स्थापित करने और जनसमस्याओं का जायजा लेकर उसका समाधान करने के उद्देश्य से आप की सरकार आपके द्वार नाम से यह पहल हुई थी।

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद भी यह परंपरा जारी रही और विभिन्न नामों से सरकार को जनता के द्वार तक पहुंचाने का यह सालाना कार्यक्रम होता रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने इसे सुशासन तिहार का नाम दिया है। पिछले साल भी सुशासन तिहार के दौरान पूरे प्रदेश में जन बड़े पैमाने पर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया था और उनमें प्राप्त होने वाली शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया था। विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित मांगों पर शासन स्तर पर विचार करने के बाद उनमें से भी अधिकांश मांगे पूरी की गई थी।

हालांकि कई आवेदनों का विभिन्न कारणों के चलते निराकरण नहीं हो पाया था किन्तु इस बार सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में ज्यादा से ज्यादा समस्याओं का तत्काल समाधान करने पर जोर दिया जा रहा है। खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस भीषण गर्मी में अचानक ही किसी भी शिविर में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मंत्री और विधायकों के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि भी सुशासन तिहार में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं।

सभी विभागों के आला अफसर भी ऐसे जनसमस्या निवारण शिविरों का आकास्मिक निरीक्षण कर रहे हैं जिससे जनता की समस्याओं का समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि पूरा शासकीय अमला सुशासन तिहार को गंभीरता से लें। इस काम में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री की इस चेतावनी का ही यह सुपरिणाम है कि जन समस्या निवारण शिविरों में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और उनका मौके पर ही समाधान करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और राशन कार्ड शिविर में ही बनाकर तत्काल हितग्राहियों को दिये जा रहे हैं। जबकि इनके लिए लोगों को ब्लाक और तहसील मुख्यालयों के कई चक्कर काटने पड़ते थे अब शिविर में ही उन्हें यह पत्र सुगमता से सुलभ हो रहा है जिससे उनमें हर्ष व्याप्त है। निराश्रित पेंशन और मनरेगा से जुड़ी समस्याओं से तत्काल समाधान किया जा रहा है इस तरह सुशासन तिहार आम जनता के लिए वरदान बन गया है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में तो सुशासन तिहार को लेकर भारी उत्साह परिलक्षित हो रहा है। जिन गांवों में मुख्यमंत्री विष्णु देव पहुंच जाते हैं तो उस गांव का तो मानों उध््धार हो जाता है।

पेड़ की छांव के नीचे जब मुख्यमंत्री चौपाल लगाते हैं तो हजारों की संख्या ग्रामीण वहां उमड़ पड़ते हैं और मुख्यमंत्री पूरी गंभीरता से उनकी फरियाद सुनते हैं तथा समस्याओं का निराकरण करने के साथ ही उन गांवों को लाखाों करोड़ो रूपये के विकास कार्यों की सौगात भी देते हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि सुशासन तिहार के दौरान सरकार यह जानने के लिए गांव कसबों तक पहुंच रही है। की आम जनता को बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं समय पर मिल रही हैं या नहीं इसके अलावा राज्य और केन्द्र सरकार ने जो जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की है उसका समुचित लाभ भी समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को मिल रहा है या नहीं यह जानने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के दौरान ही यह भी घोषणा की है कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाएगी जिसमें लोग ऑनलाइन और टोल फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। निश्चित रूप से यह भी एक बड़ी सौगात होगी और इसका लाभ पूरे साल भर लोगों को मिलेगा।

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