Sushan Tihar 2026:सुशासन तिहार का महा लेखा-जोखा
विशेष संवाददाता
रायपुर/नवप्रदेश। छत्तीसगढ़ सरकार के 41 दिवसीय महत्वाकांक्षी अभियान ‘सुशासन तिहार का 10 जून (Sushan Tihar 2026) को विधिवत समापन हो गया। भीषण गर्मी के बावजूद प्रदेशभर से कुल 6,43,334 आवेदन प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को निर्देश दिया है कि अधिकतम 30 दिनों के भीतर सभी मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए, जिसके लिए रोज औसतन 20,570 आवेदनों का निपटारा करना होगा। सीएम खुद एक्शन मोड में रहे और सभी 33 जिलों के शिविरों में पहुंचकर 12 जगहों पर औचक निरीक्षण किया।
सभी 33 जिलों में पहुंचे मुख्यमंत्री, 12 जगहों पर मारा औचक निरीक्षण: सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने केवल राजधानी में बैठकर समीक्षा नहीं की, बल्कि प्रदेश के सभी 33 जिलों के अंतर्गत आयोजित 33 जन-समस्या परसमाधान शिविरों और चौपालों में खुद जमीन पर उतरकर हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आम जनता के बीच बैठकर उनकी तकलीफें सुनीं। प्रशासन की मुस्तैदी जांचने के लिए मुख्यमंत्री ने 12 विभिन्न स्थानों पर आकस्मिक (औचक) निरीक्षण भी किया, जिससे लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा।
‘ऑन द स्पॉट निपटारा
सुशासन तिहार (Sushan Tihar 2026) की सबसे बड़ी खासियत इसका ‘त्वरित निराकरण मॉडल रहा। सरल प्रकृति के मामलों को फाइलों के चक्कर में नहीं फंसाया गया। शिविर स्थलों पर ही।
-पात्र परिवारों को 5 मिनट के भीतर आयुष्मान कार्ड प्रिंट करके सौंपे गए।
-किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का तुरंत वितरण किया गया।
-कई हितग्राहियों को मौके पर ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार घरों की चाबियां सौंपी गईं।
शिविरों में डॉक्टरों की टीम ने नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच कर तत्काल दवाइयां उपलब्ध कराईं।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
महिला सशक्तिकरण: दंतेवाड़ा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक गाडिय़ां सौंपी गईं। वहीं, रायपुर के कोसरंगी में 50 महिलाओं को निशुल्क सिलाई मशीनें दी गईं।
अधोसंरचना विकास: ग्रामीण सड़कों के जाल, नए पुल-पुलिया और पेयजल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को ऑन-द-स्पॉट मंजूरी दी गई।
सौर ऊर्जा क्रांति: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि साल 2027 तक राज्य में 5 लाख सौर संयंत्र स्थापित करने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
मॉनिटरिंग के लिए हर जिले में विशेष सेल
लंबित आवेदनों के समयबद्ध निराकरण की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि तय समय-सीमा (30 दिन) के बाद यदि कोई जायज काम लंबित मिला, तो संबंधित विभाग के अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन 5 विभागों में मची रही सबसे ज्यादा होड़
राजस्व विभाग: सीमांकन, खाता विभाजन, नामांतरण और नक्शा दुरुस्ती को लेकर सबसे अधिक आवेदन दर्ज किए गए।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नए फॉर्म और मनरेगा की मजदूरी भुगतान के मामलों की भारी भीड़ रही।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति: नए राशन कार्ड बनवाने, नाम जुड़वाने या राशन कार्डों के नवीनीकरण के लिए हजारों लोगों ने काउंटर का रुख किया।
ऊर्जा (विद्युत) विभाग: गांवों में खराब ट्रांसफार्मर बदलने, कम वोल्टेज की समस्या और बिजली बिल सुधार के आवेदन प्रमुखता से आए।
स्वास्थ्य एवं पीएचई: मौके पर ही आयुष्मान भारत कार्ड बनाने और ग्रामीण अंचलों में हैंडपंप सुधार व नल-जल योजना को लेकर लंबी कतारें देखी गईं।
यह प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, जनता का विश्वास है: साय
अभियान के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता और प्रशासनिक टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा सुशासन तिहार (Sushan Tihar 2026) केवल एक सरकारी कार्यक्रम या औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह हमारी सरकार की संवेदनशीलता की परीक्षा थी। भीषण गर्मी में भी हमारे अधिकारी जनता के द्वार पहुंचे। हमारा लक्ष्य एक ऐसी पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था खड़ी करना है, जहां अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। अब प्रतिदिन 20 हजार से अधिक आवेदनों का निपटारा कर एक महीने में इस अभियान को मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।
