RERA Action : प्लॉट परियोजना पर गिरी बड़ी कार्रवाई की गाज, अब पंजीयन से पहले नहीं हो सकेगा कोई सौदा

रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ी एक कार्रवाई ने गुरुवार को निवेशकों और प्रॉपर्टी खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। संपत्ति बाजार में सक्रिय लोगों के बीच दिनभर इस फैसले की चर्चा (RERA Action) होती रही। कई संभावित खरीदार भी यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर प्राधिकरण ने इतना सख्त कदम क्यों उठाया।

आवासीय भूखंड परियोजनाओं में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे माहौल में आई इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में नियमों के अनुपालन को लेकर स्पष्ट संदेश जाएगा।

बिना पंजीयन प्रचार करने पर लगा जुर्माना : RERA Action

छत्तीसगढ़ भू संपदा विनियामक प्राधिकरण ने गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स परियोजना के प्रमोटर के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। इसके साथ ही परियोजना को आवश्यक पंजीयन मिलने तक क्रय विक्रय और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

जांच में सामने आया नियम उल्लंघन

प्राधिकरण की जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित प्रमोटर ने भू संपदा विनियमन एवं विकास अधिनियम 2016 की धारा 3(1) के प्रावधानों का पालन किए बिना परियोजना का प्रचार प्रसार किया। बताया गया कि सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से प्लॉट की कीमतों और परियोजना संबंधी जानकारी का विज्ञापन किया जा रहा था।

पंजीयन से पहले नहीं हो सकता प्रचार

नियमों के अनुसार किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विधिवत पंजीयन कराए बिना उसका विज्ञापन, विपणन या विक्रय नहीं किया जा सकता। प्राधिकरण ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए अधिनियम की धारा 59 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की है।

बिक्री और बुकिंग गतिविधियों पर रोक

अपने आदेश में प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जब तक परियोजना को आवश्यक पंजीयन प्राप्त नहीं (RERA Action) हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार की बुकिंग, खरीद बिक्री या विक्रय से संबंधित गतिविधियां संचालित नहीं की जाएंगी।

निवेशकों को भी दी गई सलाह

प्राधिकरण ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि बिना पंजीयन वाली किसी भी भू संपदा परियोजना का प्रचार या विक्रय कानून के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों और संभावित खरीदारों से अपील की गई है कि किसी भी परियोजना में निवेश से पहले उसकी पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें।

उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा पर जोर

प्राधिकरण का कहना है कि केवल पंजीकृत परियोजनाओं में निवेश करने से खरीदार भविष्य में संभावित वित्तीय और कानूनी परेशानियों से बच (RERA Action) सकते हैं। यह कदम रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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