Sugar Price Hike: होटल-रेस्टोरेंट में बारीक, घरों में मीडियम दाने की शक्कर की ज्यादा मांग
एस, एम और एल तीन श्रेणियों में होती है बिक्री, प्रति क्विंटल 50 से 100 रुपये तक का अंतर
शक्कर के अलग-अलग कीमत और ब्रांडिंग में उलझकर ग्राहक कन्फ्यूज!
गणेश विश्वकर्मा
नवप्रदेश/बिलासपुर। दिवाली पर घरों में मिठाइयां बनानी हों या मेहमानों की खातिरदारी, हर जगह शक्कर (Sugar Price Hike) की जरूरत बढ़ गई है। लेकिन इस बार त्योहार की मिठास जेब पर भारी पड़ रही है। त्यौहारी मांग के बीच शक्कर बाजार में कीमतों का ऐसा गणित है कि एक ही दुकान पर 52 से 62 रुपये किलो तक के भाव मिल रहे हैं। दानों के आकार, रिफाइनिंग और आकर्षक पैकेजिंग के नाम पर अलग-अलग कीमतें वसूली जा रही हैं।
ब्रांडिंग के इस खेल में आम ग्राहक के लिए असली गुणवत्ता और सही कीमत का अंतर समझना मुश्किल हो गया है। छत्तीसगढ़ के बाजार में शक्कर की तीन श्रेणियां एस, एम और एल यानी स्माल, मीडियम और लार्ज प्रचलित हैं। होटल, रेस्टोरेंट और चाय दुकानों में जल्दी घुलने वाली बारीक एस श्रेणी की मांग रहती है, जबकि घरों में चाय, मिठाई और पकवान बनाने के लिए मीडियम दाने वाली एम श्रेणी ज्यादा पसंद की जाती है। बड़े दानों वाली एल श्रेणी के खरीदार सीमित हैं। थोक कारोबारियों के मुताबिक इन श्रेणियों के भाव में प्रति क्विंटल 50 से 100 रुपये तक का अंतर रहता है।
एस-30 और एम-30 के नाम पर कीमतों का खेल
त्यौहारी में मांग बढऩे के साथ एस-30 और एम-30 की उपलब्धता और कीमतों को लेकर भी बाजार (Sugar Price Hike) में चर्चा है। कुछ कारोबारियों का कहना है कि बारीक एस-30 की सप्लाई सीमित होने से इसकी उपलब्धता घट गई है, जबकि एम-30 को प्रीमियम बताकर दो से तीन रुपये किलो तक महंगा बेचा जा रहा है। कुछ जगहों पर एस-30 को एम-30 बताकर अधिक कीमत वसूलने के आरोप भी हैं। यही वजह है कि बाजार में एक ही तरह की शक्कर के अलग-अलग भाव नजर आ रहे हैं।
त्यौहार की खरीदारी में सतर्कता जरूरी
दिवाली पर मिठाइयों और पकवानों की बढ़ती मांग के बीच शक्कर (Sugar Price Hike) की खरीदारी भी बढ़ गई है। ऐसे में ग्राहकों को केवल पैकेट की चमक या प्रीमियम लिखे होने से प्रभावित होने के बजाय शक्कर की श्रेणी, रिफाइनिंग, वजन और प्रति किलो कीमत की तुलना करनी चाहिए। त्योहार की मिठास के नाम पर कहीं अतिरिक्त कीमत तो नहीं चुकाई जा रही, इस पर ध्यान देना जरूरी है।
पैकेट की चमक कीमत में अंतर
बड़े मार्ट और सुपर बाजारों में 5 किलो शक्कर आकर्षक पैकेजिंग के साथ डबल रिफाइन एम-30 को 59 से 62 रुपये किलो तक बेचे जाने की बात सामने आ रही है। वहीं खुले बाजार में इसी श्रेणी की शक्कर 55 से 57 रुपये किलो तक मिलने का दावा है। पैकेट पर प्रीमियम और डबल रिफाइन जैसे शब्द ग्राहकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन कीमत के अनुपात में गुणवत्ता का अंतर कितना है, यह स्पष्ट नहीं होता।
शक्कर का कोई स्थापित उपभोक्ता ब्रांड नहीं होने से ग्राहक अक्सर दुकानदार या पैकेट के दावों पर भरोसा करने को मजबूर हैं।
