होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात धीरे धीरे सामान्य होने के संकेत मिल (Strait of Hormuz) रहे हैं, लेकिन समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। ताजा घटनाक्रम के बीच दो भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से इस अहम समुद्री मार्ग को पार करने में सफल रहे, जबकि एक भारतीय टैंकर ने अंतिम समय में अपना रास्ता बदल दिया।
समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में तनाव भले कुछ कम हुआ हो, लेकिन जहाज संचालक अब भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं। हाल की घटनाओं के बाद कई कंपनियां लगातार सुरक्षा स्थिति का आकलन कर रही हैं।
दो भारतीय जहाज सुरक्षित निकले Strait of Hormuz
समुद्री ट्रैकिंग जानकारी के अनुसार भारतीय जहाज देश सुरक्षा और एसएसएल कावेरी शुक्रवार सुबह ओमान के समुद्री मार्ग से होते हुए सुरक्षित होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गए। बताया जा रहा है कि संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार किसी भारतीय जहाज ने ईरान के करीब वाले मार्ग की बजाय ओमान के दक्षिणी रास्ते का उपयोग किया। इससे पहले अधिकांश जहाज लारक चैनल के जरिए आवाजाही कर रहे थे।
एलपीजी टैंकर ने बीच रास्ते से लिया यू टर्न
भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर बीडब्ल्यू लॉयल्टी भी होर्मुज की ओर बढ़ रहा था, लेकिन जलडमरूमध्य के करीब पहुंचने के बाद उसने अचानक दिशा बदल दी और वापस लौट गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि टैंकर ने ऐसा किस वजह से किया। एक दिन पहले ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली और टैंकर के लौटने का उस हमले से कोई सीधा संबंध अभी तक पुष्टि नहीं हुआ है।
अब भी खाड़ी में मौजूद हैं कई भारतीय जहाज
दो जहाजों के सुरक्षित बाहर निकलने के बावजूद फारस की खाड़ी में अब भी करीब 10 भारत से जुड़े जहाज (Strait of Hormuz) मौजूद हैं। इनमें एलपीजी टैंकर, कच्चे तेल के टैंकर, कंटेनर जहाज और अन्य कारोबारी पोत शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार कुछ जहाज बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जबकि कुछ ने अपनी स्थिति बदल ली है या फिर खाड़ी के भीतर ही रुक गए हैं। इससे साफ है कि जहाज संचालक सुरक्षा हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
नाविकों की निकासी पर लगी रोक
सुरक्षा चिंताओं के बीच संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी ने 11 हजार से अधिक नाविकों को सुरक्षित निकालने के अभियान पर फिलहाल अस्थायी रोक (Strait of Hormuz) लगा दी है। ओमान के पास हुए हमले के बाद एजेंसी का कहना है कि जब तक समुद्री मार्गों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक निकासी अभियान आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। जिस जहाज पर हमला हुआ था, वह इस निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था।
