School repair fund: शिक्षा विभाग के पास केवल आवंटन की जानकारी
उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक नहीं मिले
बेमेतरा/नवप्रदेश। जिले के सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए तीन वित्तीय वर्षों में जारी करीब 19 करोड़ रुपए के खर्च (School repair fund) का पूरा विवरण पांच साल बाद भी जिला शिक्षा विभाग को नहीं मिल पाया है। विभाग के पास फिलहाल केवल जारी राशि की जानकारी है, जबकि कार्यवार खर्च और उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 के बाद स्कूल मरम्मत के लिए मिली राशि जिला पंचायत के माध्यम से नवागढ़, बेमेतरा, साजा और बेरला जनपद पंचायतों को भेजी गई थी। ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाकर चयनित स्कूलों में मरम्मत कार्य कराने थे।
वर्ष 2023 से भेजे जा रहे पत्र
जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से वर्ष 2023 से जिला पंचायत को पत्र लिखकर उपयोगिता प्रमाण पत्र और व्यय विवरण मांगा जा रहा है। इसके बावजूद विभाग को अब तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि किस स्कूल में कितना काम हुआ और कितनी राशि (School repair fund) खर्च की गई। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिले के कई स्कूल भवन अब भी जर्जर हैं। बाद में कुछ भवनों को स्कूल जतन योजना के तहत डिस्मेंटल भी किया गया। ऐसे में यह जांच का विषय है कि पहले मरम्मत के लिए चयनित स्कूलों में वास्तव में कौन-कौन से कार्य हुए थे।
अब उठी जांच की मांग
School repair fund: जनपद सदस्य दीपक दिनकर तथा जिला पंचायत सदस्य हरीश साहू और बालकुमारी धु्रव ने नवागढ़ जनपद को मिली राशि और कराए गए कार्यों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कार्यादेश, भुगतान, पूर्णता प्रमाण पत्र और उपयोगिता प्रमाण पत्र सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा गया : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने बताया कि जिला पंचायत को पत्र लिखकर जारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा गया है। विभाग के पास अभी केवल जारी राशि की जानकारी उपलब्ध है।
