Rupee Fall : डालर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, बाजार में बढ़ी चिंता

शुक्रवार को मुद्रा बाजार में हलचल काफी (Rupee Fall) तेज रही। कारोबार शुरू होते ही निवेशकों और कारोबारियों की नजर रुपये की चाल पर बनी रही। दिनभर बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल दिखा और विदेशी मुद्रा कारोबार से जुड़े लोग लगातार बदलते हालात पर नजर रखते रहे। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और महंगाई को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच रुपये पर दबाव साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान कई बार ऐसा लगा कि भारतीय मुद्रा और कमजोर हो सकती है। बाजार विशेषज्ञ भी आने वाले दिनों को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

कारोबार के दौरान 96.14 तक फिसला रुपया : Rupee Fall

शुक्रवार को डालर के मुकाबले रुपया इंट्रा डे कारोबार में 96.14 के स्तर तक गिर गया। हालांकि बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन अंत में भारतीय मुद्रा 22 पैसे कमजोर होकर 95.86 प्रति डालर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुई।

बताया जा रहा है कि इस साल अब तक रुपया छह प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। पिछले छह कारोबारी सत्रों में ही इसमें करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

कच्चे तेल की कीमतों का बढ़ा असर

बाजार जानकारों के अनुसार ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर रुपये पर पड़ा है। भारत बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ जाता है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता लगातार (Rupee Fall) बनी हुई है। इसके साथ ही ऊंचे मूल्यांकन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निवेश अवसरों की कमी से पूंजी प्रवाह प्रभावित हुआ है।

विदेशी निवेश में कमजोरी से बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में कमजोरी भी भुगतान संतुलन पर दबाव बढ़ा सकती है। वहीं बढ़ती तेल कीमतों से महंगाई की चिंता और गहरा रही है।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.86 प्रति डालर पर खुला था। कारोबार के दौरान यह तेजी से गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 96.14 तक पहुंच गया। बाद में केंद्रीय बैंक के संभावित हस्तक्षेप की खबरों से इसमें कुछ सुधार देखने को मिला।

डालर सूचकांक में भी मजबूती

इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डालर की मजबूती दर्शाने वाला डालर सूचकांक भी बढ़त में रहा। इसमें 0.34 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 99.15 के स्तर पर पहुंच गया।

बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और महंगाई संबंधी चिंताएं बनी रहने पर रुपये पर दबाव आगे भी जारी (Rupee Fall) रह सकता है। हालांकि केंद्रीय बैंक का हस्तक्षेप और आयात शुल्क में बदलाव जैसे कदम भारतीय मुद्रा को कुछ राहत दे सकते हैं।

अगले कारोबारी सत्र पर नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में रुपया 95.60 से 96.20 प्रति डालर के दायरे में रह सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है।

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