भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद वित्तीय बाजार में सकारात्मक माहौल देखने (RBI Policy) को मिला। विदेशी निवेश और विदेशी मुद्रा की उपलब्धता बढ़ाने से जुड़े कदमों के एलान के बाद रुपये ने मजबूत प्रदर्शन किया। मुद्रा बाजार में कारोबार के दौरान रुपये की मजबूती ने निवेशकों का ध्यान खींचा और कारोबारी हलकों में इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक के हालिया फैसलों से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसका असर सीधे रुपये की चाल पर दिखाई दिया।
81 पैसे की मजबूती के साथ बंद हुआ रुपया : RBI Policy
विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 81 पैसे मजबूत होकर 94.93 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भारतीय मुद्रा 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। कारोबार की शुरुआत 95.72 के स्तर से हुई और दिनभर के उतार चढ़ाव के बीच रुपया 94.89 तक पहुंच गया। बाद में यह 94.93 के स्तर पर बंद हुआ।
आरबीआई के फैसलों का मिला समर्थन
विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने और विदेशी मुद्रा बाजार में तरलता बढ़ाने से जुड़े कदमों ने बाजार को सकारात्मक संकेत दिए हैं। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और रुपये को समर्थन मिला। मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद वित्तीय बाजार में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
आगे और मजबूत हो सकता है रुपया
मुद्रा बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में रुपया और मजबूत (RBI Policy) हो सकता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं और विदेशी निवेश का प्रवाह बना रहा तो भारतीय मुद्रा को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर भी बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
विदेशी मुद्रा बाजार में अब निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक गतिविधियों, तेल कीमतों और विदेशी निवेश के रुझान पर बनी हुई है। इन कारकों का असर आने वाले दिनों में रुपये की चाल पर पड़ सकता है। फिलहाल आरबीआई के हालिया कदमों ने मुद्रा बाजार में सकारात्मक माहौल तैयार किया है और रुपये को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।
