मार्गन स्टेनली की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI Repo Rate Cut) दिसंबर में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक में रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो मौजूदा 5.50 प्रतिशत रेपो रेट घटकर 5.25 प्रतिशत हो जाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों से खुदरा महंगाई लगातार नीचे आ रही है और यह RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य दायरे में बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई का नरम स्तर केंद्रीय बैंक को नीतिगत ढील देने का अवसर देता है।
घरेलू विकास पर भी रहेगी नजर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि संभावित कटौती के बाद RBI आगे कोई भी कदम उठाने से पहले घरेलू विकास दर, मांग के रुझान और मुद्रास्फीति की स्थिति का सूक्ष्म अध्ययन करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नीतिगत दरों में कमी से उधारी सस्ती होगी और निवेश गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
राजकोषीय स्थिति पर संतुलित रुख
मार्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सरकार पूंजीगत व्यय पर जोर देते हुए क्रमिक राजकोषीय समेकन की राह पर चल रही है। यह नीतियां मध्यम अवधि की आर्थिक वृद्धि को मजबूत करने में सहायक मानी जा रही हैं।
मुद्रास्फीति का अनुमान स्थिर
रिपोर्ट के अनुसार 2025 के निम्न स्तरों से 2026-27 में खुदरा महंगाई में मामूली वृद्धि हो सकती है, हालांकि यह RBI के लक्ष्य क्षेत्र (4% ±2%) के भीतर ही रहेगी। इससे नीतिगत स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।
भारत की मैक्रो अर्थव्यवस्था मजबूत
मार्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत का चालू खाता घाटा 1 प्रतिशत या उससे नीचे रहने की संभावना है। विदेशी मुद्रा भंडार, आयात कवर और बाहरी ऋण स्तर की स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। यह कारक भारत की बाहरी स्थिरता को सुदृढ़ बनाते हैं।

