Raoghat-Jagdalpur Rail Line: रावघाट-जगदलपुर रेललाइन पर अब कोंडागांव से भी आर-पार की लड़ाई!

अनिल सामंत, जगदलपुर

जगदलपुर/कोंडागांव/नवप्रदेश। रावघाट तक रेल (Raoghat-Jagdalpur Rail Line) पहुंची, लेकिन जगदलपुर अब भी इंतजार में है। वर्षों से अधूरी पड़ी रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को लेकर अब कोंडागांव में भी आवाज बुलंद हो गई है। सर्व समाज कोंडागांव ने रेलवे को तीन महीने का अल्टीमेटम देते हुए साफ कर दिया है कि अब केवल घोषणाओं और आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। कोंडागांव से नारायणपुर और कोंडागांव से जगदलपुर, दोनों दिशाओं में एक साथ रेललाइन का निर्माण शुरू किया जाए। निर्धारित अवधि में काम शुरू नहीं हुआ तो कोंडागांव बंद से लेकर आगामी चुनावों में मतदान बहिष्कार अभियान तक चलाया जाएगा।


सर्व समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष धंसराज टंडन के नेतृत्व में (Raoghat-Jagdalpur Rail Line) जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना से मुलाकात कर मंडल रेल प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नाम मांगपत्र सौंपा। समाज ने कोंडागांव को केवल रेललाइन के नक्शे में जगह देने के बजाय निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की मांग की। उसका तर्क है कि दोनों दिशाओं से एक साथ काम शुरू होने पर परियोजना की रफ्तार बढ़ेगी और जगदलपुर तक रेल पहुंचने का रास्ता समयबद्ध तरीके से खुल सकेगा।

2015 की घोषणा, 2022 का लक्ष्य… फिर भी जगदलपुर रेल से दूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना (Raoghat-Jagdalpur Rail Line) की घोषणा की थी। इसके लिए वर्ष 2022 तक का लक्ष्य भी सामने रखा गया था, लेकिन निर्धारित समयसीमा गुजर जाने के बाद भी बस्तर संभाग की जनता जगदलपुर तक यात्री रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रही है।


सर्व समाज ने सवाल उठाया कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेललाइन (Raoghat-Jagdalpur Rail Line) का विकास मुख्य रूप से लौह अयस्क परिवहन और भिलाई इस्पात संयंत्र की औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया। रावघाट तक मेमू ट्रेन का संचालन स्वागतयोग्य है, लेकिन इसे पूरे बस्तर की यात्री रेल सुविधा की उपलब्धि बताना उचित नहीं है। बस्तर की वास्तविक जरूरत जगदलपुर तक नियमित यात्री रेल सेवा है।

3513 करोड़ की स्वीकृति तो फिर निर्माण में देरी क्यों?

मांगपत्र में परियोजना के लिए 3513.11 करोड़ रुपये की बजट स्वीकृति का उल्लेख करते हुए रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। सर्व समाज ने पूछा कि जब परियोजना के लिए इतनी बड़ी राशि की स्वीकृति की बात सामने आ चुकी है तो धरातल पर निर्माण शुरू होने में विलंब क्यों हो रहा है?

रेलवे (Raoghat-Jagdalpur Rail Line) से निविदा प्रक्रिया की स्थिति,निर्माण शुरू करने की तारीख,चरणबद्ध कार्ययोजना और परियोजना पूरी करने की निश्चित समयसीमा सार्वजनिक करने की मांग की गई। समाज का कहना है कि कोंडागांव से दोनों दिशाओं में एक साथ निर्माण शुरू करना केवल स्थानीय मांग नहीं,बल्कि पूरी परियोजना को गति देने का व्यावहारिक विकल्प है।

तीन महीने बाद बंद और मतदान बहिष्कार की चेतावनी

सर्व समाज ने आंदोलन की अगली रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। मांगपत्र प्राप्त होने की तारीख से तीन महीने के भीतर कोंडागांव से नारायणपुर और जगदलपुर,दोनों दिशाओं में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो कोंडागांव बंद का आह्वान किया जाएगा। इसके बाद आगामी चुनावों में मतदान बहिष्कार अभियान और पूरे बस्तर संभाग में व्यापक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन चलाने की चेतावनी दी गई है।

प्रधानमंत्री 2015 में किये वादे पूरा करे

समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से वर्ष 2015 में बस्तर की जनता से किए गए वादे को गंभीरता से लेते हुए निर्माण तत्काल शुरू कराने तथा कोंडागांव से दोनों दिशाओं में एक साथ काम प्रारंभ करने के निर्देश देने की मांग की।

सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर उठाई आवाज

ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष धंसराज टंडन के साथ संरक्षक एमडी बघेल,शांतिलाल सुराना,आरके जैन,सचिव शीतल कोर्राम,जिला कोषाध्यक्ष आईसी निषाद,रामेश्वर बघेल,सर्व आदिवासी समाज के जिला सचिव एवं सलाहकार आरएस सलाम,बस्तर राजपूत समाज के सचिन नेपाल सिंह ठाकुर, अंजुमन कमेटी अध्यक्ष सैयद सफीक,बस्तर संभाग मुस्लिम समाज उपाध्यक्ष मोहम्मद असलम मंसूरी,श्याम सिंह,भारत जैन,तरुण नाग,चवन वर्मा,पीएल ठावरे,शंकरलाल विश्वकर्मा और रवि बिशोई सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

रेललाइन सिर्फ खनिज परिवहन के लिए नहीं, बस्तर के भविष्य के लिए जरूरी

सर्व समाज का कहना है कि बस्तर केवल लौह अयस्क और खनिज संसाधन उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र नहीं है। यहां के नागरिकों को भी देश के दूसरे हिस्सों की तरह शिक्षा,स्वास्थ्य, रोजगार,व्यापार,पर्यटन और यात्री परिवहन की समान सुविधाएं मिलनी चाहिए। जगदलपुर तक रेललाइन पहुंचने से पूरे संभाग के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। रेल सुविधा से विद्यार्थियों, मरीजों,व्यापारियों,नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों को सीधा लाभ मिलेगा। समाज की मांग स्पष्ट है कि रावघाट तक पहुंची रेल को अब जगदलपुर तक पहुंचाया जाए।

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