Ramnagar Udhampur Bus Crash : अनियंत्रित होकर खाई में गिरी बस, 16 लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले से सोमवार सुबह एक ह्रदय विदारक खबर सामने (Ramnagar Udhampur Bus Crash) आई है। रामनगर के कघोट इलाके में यात्रियों से भरी एक बस खतरनाक मोड़ पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।

इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 अन्य यात्री जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू किया गया।

खतरनाक मोड़ बना काल, स्थानीय लोगों ने शुरू किया रेस्क्यू (Ramnagar Udhampur Bus Crash)

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 10 बजे तब हुआ जब बस रामनगर से ऊधमपुर की ओर जा रही थी। पहाड़ी सड़क पर एक तीखे मोड़ को काटते समय चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सीधे मलबे में तब्दील हो गई।

चीख-पुकार सुनकर सबसे पहले स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस के आने से पहले ही घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों ने मोर्चा संभाला। मलबे से अब तक 15 शव निकाले जा चुके हैं, वहीं एक घायल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का हुआ ऐलान

इस भीषण सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त (Ramnagar Udhampur Bus Crash) किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मुआवजे की घोषणा की।

मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया और जिला प्रशासन को घायलों के इलाज में कोई कोर-कसर न छोड़ने के निर्देश दिए हैं।

एयरलिफ्ट किए जाएंगे गंभीर रूप से घायल यात्री

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हादसे के तुरंत बाद ऊधमपुर के डीसी से बात कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए हर संभव मदद दी (Ramnagar Udhampur Bus Crash) जा रही है।

जिन यात्रियों की हालत बहुत ज्यादा नाजुक है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था भी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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