छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी ने माहौल गरमा दिया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के दावे ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के कई विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल भाजपा के पास 55, कांग्रेस के पास 34 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पास 1 सीट है। ऐसे में किसी भी तरह का दलबदल सियासी संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस के दिग्गज लाइन में, बस वक्त का इंतजार
रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर असमंजस में हैं और भाजपा के संपर्क में हैं। उनके मुताबिक, कुछ नेता भाजपा में शामिल होने की तैयारी में हैं। हालांकि, उन्होंने किसी भी विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
भाजपा के भीतर ही खींचतान
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद रामविचार नेताम कांग्रेस के नेताओं के संपर्क में हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा के अंदर गुटबाजी होने की बात भी कही और कहा कि पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है।
असली मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने रायपुर में कहा कि भाजपा इस तरह के बयान देकर राज्य के अहम मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण, जंगलों की कटाई और अन्य जनसरोकार के मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं, जिन पर चर्चा होनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ में दलबदल को लेकर उठे इस विवाद ने सियासी माहौल को प्रभावित किया है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी विधायक के नाम सामने नहीं आए हैं। इससे दावों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
