Patralekhaa Body Shaming : वो राज जिसे छिपा न सकीं पत्रलेखा, कैमरे के सामने आते ही ट्रोल्स ने शुरू कर दी बयानबाजी

बॉलीवुड गलियारों में आजकल एक ही नाम चर्चा का विषय बना हुआ है और वह है अभिनेत्री पत्रलेखा। हाल ही में जब उन्हें मुंबई की सड़कों पर देखा गया, तो उनकी तस्वीरों और वीडियो ने इंटरनेट (Patralekhaa Body Shaming) पर तहलका मचा दिया।

लोग उनके लुक को देखकर तरह-तरह की बातें करने लगे और देखते ही देखते उन्हें उनके बढ़े हुए वजन के लिए निशाना बनाया जाने लगा। पत्रलेखा जो इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘टोस्टर’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनके शारीरिक बदलावों को लोग इस कदर मुद्दा बना देंगे।

क्या वाकई पत्रलेखा के साथ कुछ हुआ है? (Patralekhaa Body Shaming)

जैसे ही उनके वीडियो वायरल हुए, कमेंट बॉक्स में लोगों ने मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं। किसी ने उनके फैशन सेंस पर सवाल उठाए तो किसी ने उनके वजन को लेकर भद्दे कमेंट्स किए। लेकिन पत्रलेखा ने इस खामोशी को ज्यादा देर तक बने रहने नहीं दिया। उन्होंने एक ऐसा बयान जारी किया

जिसने न केवल ट्रोल्स के मुंह बंद कर दिए बल्कि समाज की संकीर्ण सोच पर भी गहरा प्रहार किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो बदलाव लोगों को ‘अजीब’ लग रहे हैं, वो दरअसल एक जीवन को जन्म देने का परिणाम हैं। उन्होंने दो टूक जवाब दिया कि उन्होंने बच्चा पैदा किया है, कोई पहाड़ नहीं खाया।

पर्दे के पीछे का वो सच जो कोई नहीं देख पाया

पत्रलेखा ने बताया कि एक तरफ वह मातृत्व का सुख भोग रही हैं और दूसरी तरफ एक प्रोड्यूसर के तौर पर बड़ी जिम्मेदारियां निभा (Patralekhaa Body Shaming) रही हैं। प्रेग्नेंसी के बाद शरीर का पहले जैसा होना कोई जादू नहीं है और इसमें समय लगता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी के संघर्ष को जाने बिना उस पर टिप्पणी करना बंद करें और थोड़े दयालु बनें। यह सिर्फ पत्रलेखा की कहानी नहीं है, बल्कि ग्लैमर की दुनिया की उन तमाम मांओं की हकीकत है जो हर दिन अपनी पहचान और फिटनेस के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती हैं।

जब इन सितारों ने भी दिखाई दुनिया को अपनी ताकत

पत्रलेखा से पहले नेहा धूपिया, बिपाशा बसु और काजल अग्रवाल जैसी बड़ी अभिनेत्रियां भी इस दौर से गुजर चुकी हैं। नेहा धूपिया ने तो यहाँ तक कह दिया था कि वह समाज के तय किए गए सांचों में फिट होने के लिए पैदा नहीं हुई हैं।

बिपाशा बसु ने भी नई मांओं को जज करने वालों को जमकर फटकार (Patralekhaa Body Shaming) लगाई थी। इन सभी अभिनेत्रियों का एक ही संदेश है कि मां बनना एक गौरव की बात है और इसके बाद शरीर में आने वाले बदलावों को शर्मिंदगी की नहीं बल्कि सम्मान की नजर से देखा जाना चाहिए।

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