Parliament Session NEET Protest : प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी पर भड़कीं कंगना रनौत, संसद में छात्रों के व्यवहार पर उठाए सवाल

नीट पेपर लीक को लेकर हुए आंदोलन की गूंज अब सड़कों से निकलकर संसद तक (Parliament Session NEET Protest) पहुंच गई है। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इसी मुद्दे पर अब भाजपा सांसद कंगना रनौत का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।

संसद के मानसून सत्र के दौरान कंगना रनौत ने प्रदर्शन में इस्तेमाल की गई भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन मर्यादा और सम्मान की सीमाएं नहीं लांघी जानी चाहिए। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

छात्रों के व्यवहार पर उठाए सवाल

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि 75 वर्ष के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना (Parliament Session NEET Protest) बनाया गया और उनकी दिवंगत मां के लिए भी बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन इस तरह की भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।

कंगना ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह किस तरह के छात्र हैं जो विरोध प्रदर्शन के दौरान अश्लील भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार लोकतांत्रिक विरोध में भी शालीनता और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।

माता पिता पर बोझ बनने वाली टिप्पणी भी की Parliament Session NEET Protest

कंगना रनौत ने अपने बयान में कहा कि यदि भविष्य में ऐसे लोगों को सुप्रीम कोर्ट के वकीलों या कानूनी सलाह की जरूरत पड़ी तो क्या उनके माता पिता इसका खर्च (Parliament Session NEET Protest) उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं 16 वर्ष की उम्र से अपना करियर शुरू कर दिया था और कभी अपने माता पिता पर बोझ नहीं बनीं। उनके मुताबिक समाज के तौर पर इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

पेपर लीक कानून पर भी सरकार का किया बचाव

हाल ही में केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन विधेयक 2026 पेश किया है। इस पर कंगना रनौत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशहित में हर छोटे बड़े मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन (Parliament Session NEET Protest) किया है और संशोधन विधेयक उसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय शिक्षा का बजट काफी कम था, जबकि आज विपक्ष की आलोचना उसकी निराशा को दर्शाती है।

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