बीजू जनता दल (Biju Janata Dal) में अंदरूनी संकट गहराता नजर आ रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Debashish Samantaray के इस्तीफे ने ओडिशा की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। लगातार तीसरे बड़े नेता के पार्टी छोड़ने के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या V. K. Pandian फैक्टर बीजेडी के लिए सबसे बड़ी कमजोरी बनता जा रहा है।
देबाशीष सामंतराय ने 25 मई को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सक्रिय राजनीति से दूरी की घोषणा के बावजूद वीके पांडियन अब भी पर्दे के पीछे से पार्टी चला रहे हैं।
BJD में घुटन बढ़ रही है
सामंतराय ने कहा कि उन्हें पार्टी में लगातार अपमानित महसूस कराया गया और अब उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं समझी जा रही थी। उन्होंने राज्यसभा भेजने और राजनीतिक अवसर देने के लिए Naveen Patnaik का आभार भी जताया, लेकिन साथ ही पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। बताया जा रहा है कि वे जल्द भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इससे पहले बीजेडी के दो अन्य राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार और ममता महंता भी पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं।
पांडियन को लेकर फिर उठे सवाल
ओडिशा की राजनीति में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि बीजेडी की सत्ता से विदाई के पीछे वीके पांडियन की बढ़ती भूमिका बड़ा कारण रही। अब पार्टी के भीतर से लगातार उठ रही आवाजें इस बहस को और तेज कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। कई नेताओं को लगता है कि संगठन और फैसलों पर अब भी पांडियन का प्रभाव बना हुआ है।
BJP ने कहा- BJD अपने विकेट खो रही
इस्तीफे के बाद भाजपा सांसद रबिंद्र नारायण बेहरा ने कहा कि बीजेडी एक-एक कर अपने विकेट खो रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के बाद ओडिशा में सुशासन की नई शुरुआत हुई है और कई नेता भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
BJD का पलटवार, लगाए गंभीर आरोप
वहीं बीजेडी ने देबाशीष सामंतराय पर पलटवार करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रमिला मलिक ने कहा कि नवीन पटनायक ने उन्हें विधायक से लेकर राज्यसभा सांसद तक कई बड़े अवसर दिए, लेकिन अब वे भाजपा की वॉशिंग मशीन में खुद को साफ कराने जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सामंतराय नशे के आदी रहे हैं और संभवतः अपने कारोबारी हितों को बचाने के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं। बीजेडी प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने भी कहा कि उनके जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
BJD के सामने बढ़ती चुनौती
लगातार हो रहे इस्तीफों ने यह साफ कर दिया है कि बीजेडी फिलहाल संगठनात्मक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। एक तरफ पार्टी स्थानीय स्तर पर खुद को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर शीर्ष नेतृत्व से जुड़े विवाद और नेताओं की नाराजगी संकट को और गहरा कर रहे हैं।
बीजेडी सांसद देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे ने ओडिशा की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने वीके पांडियन पर पर्दे के पीछे से पार्टी चलाने का आरोप लगाया है। लगातार तीसरे बड़े नेता के पार्टी छोड़ने से बीजेडी पर संकट गहराता नजर आ रहा है।
