रोजमर्रा के खाने में अगर पोषण बढ़ाना चाहते हैं तो सहजन यानी मोरिंगा के पत्ते बेहतरीन विकल्प (Moringa Benefits) हो सकते हैं। गांवों में वर्षों से इनका सेवन अलग अलग तरीकों से किया जाता रहा है। अब धीरे धीरे शहरों में भी लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं। खास बात यह है कि सही तरीके से बनाई गई रेसिपी का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बच्चों को भी यह आसानी से पसंद आ जाती है।
मोरिंगा के पत्तों में कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। इन्हें दाल के साथ मिलाकर तैयार की गई एक आसान रेसिपी स्वाद और पोषण दोनों का बेहतरीन मेल मानी जाती है।
मोरिंगा के पत्ते क्यों हैं फायदेमंद Moringa Benefits
मोरिंगा के पत्तों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनका संतुलित मात्रा में सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने, हीमोग्लोबिन बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत रखने, पाचन बेहतर बनाने और आंखों की सेहत को बनाए रखने में मददगार माना जाता है।
दाल साग बनाने के लिए क्या चाहिए
इस रेसिपी के लिए एक मुट्ठी ताजे मोरिंगा के पत्ते, 150 ग्राम मसूर की दाल, नमक, हल्दी और आवश्यकता अनुसार पानी लें। तड़के के लिए सरसों का तेल, लहसुन की कलियां, सूखी लाल मिर्च और जीरे की जरूरत होगी।
ऐसे बनाएं स्वादिष्ट दाल साग
सबसे पहले मोरिंगा के पत्तों को अच्छी तरह धोकर डंठल से अलग (Moringa Benefits) कर लें। मसूर की दाल को भी साफ पानी से धो लें। अब कुकर में दाल, मोरिंगा के पत्ते, हल्दी, नमक और पानी डालकर दो सीटी आने तक पकाएं। प्रेशर निकलने के बाद दाल को अच्छी तरह मिला लें।
तड़के से बढ़ेगा स्वाद
एक पैन में सरसों का तेल गर्म करें। इसमें लहसुन को सुनहरा होने तक भूनें। फिर सूखी लाल मिर्च और जीरा डालकर कुछ सेकंड पकाएं। तैयार तड़का दाल साग में डालें और दो मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि सभी स्वाद अच्छी तरह मिल जाएं।
चावल के साथ मिलेगा बेहतरीन स्वाद
तैयार मोरिंगा दाल साग को गर्मागर्म सादे चावल के साथ परोसें। चाहें तो ऊपर से थोड़ा देसी घी भी डाल (Moringa Benefits) सकते हैं। यह रेसिपी स्वाद के साथ भरपूर पोषण भी देती है और रोज की साधारण दाल से अलग एक हेल्दी विकल्प साबित हो सकती है।
