हड़ताली 50 से ज्यादा पटवारी निलंबित, आज तक काम पर लौटने का फरमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर राज्य शासन ने सख्त रुख अपना लिया है। करीब 20 दिनों से जारी हड़ताल के बीच राज्योत्सव के मौके पर 50 से अधिक पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, प्रदेशभर में करीब पांच हजार पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। शासन ने 2 नवंबर तक काम पर लौटने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित समय तक काम पर नहीं लौटने वालों के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की जाएगी।

खास बात यह है कि निलंबन और नोटिस के आदेश रविवार को अवकाश के दिन जारी किए गए। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में निलंबन के साथ तबादले की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप को भी निलंबित किया जा चुका है। शासन की इस कार्रवाई के बाद पटवारियों में नाराजगी बढ़ गई है और राजस्व विभाग में टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में ‘मैं भी भागवत’ अभियान

दंतेवाड़ा में पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष के निलंबन के बाद आंदोलनकारियों का आक्रोश और बढ़ गया है। जिले के पटवारियों ने अधिकारियों को पत्र सौंपकर सभी पटवारियों के सामूहिक निलंबन की मांग तक कर दी है। वहीं, सोशल मीडिया पर प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में ‘मैं भी भागवत’ अभियान चलाया जा रहा है। कई जिलों में पटवारियों ने निलंबन और नोटिस के आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया है।

बिना चर्चा एकतरफा कार्रवाई का आरोप

पटवारियों का कहना है कि उनकी मांग ऑनलाइन राजस्व कार्यों की जटिलताओं को दूर करने और प्रक्रिया का सरलीकरण करने से जुड़ी है। इसके बावजूद शासन ने उनसे चर्चा किए बिना सीधे निलंबन, नोटिस और तबादले की कार्रवाई शुरू कर दी। आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया है कि जमीनी स्तर पर राजस्व व्यवस्था की समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि दंडात्मक कार्रवाई से।

सजा के साथ समझौता संभव नहीं

आंदोलनकारी पटवारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि दंडात्मक कार्रवाई जारी रहने के बीच समझौते की गुंजाइश नहीं है। उनकी मांग है कि पहले सभी पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई निरस्त की जाए और इसके बाद शासन उनसे चर्चा करे। इसके बाद ही काम पर लौटने के संबंध में विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, शासन ने हड़ताल समाप्त कर तत्काल काम पर लौटने का निर्देश दिया है।

सरगुजा संभाग के 819 पटवारियों को नोटिस

सरगुजा संभाग में ही 819 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के नोटिस जारी किए गए हैं। एसडीएम और राजस्व अधिकारियों ने शासन के निर्देश पर अपने-अपने अनुविभागों में नोटिस जारी किए हैं। अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है। नोटिस में कहा गया है कि पटवारियों की हड़ताल से डिजिटल क्रॉप सर्वे, भौतिक सत्यापन, एग्रीस्टैक और आगामी धान खरीदी से संबंधित अभिलेखों के सत्यापन का काम प्रभावित हो रहा है।

इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जांच प्रतिवेदन तैयार करने, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण पर भी असर पड़ रहा है। हड़ताल लंबी खिंचने से इन कार्यों के साथ ही आगामी धान खरीदी की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

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