रायपुर। आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने व्यापक छापेमारी और सघन चेकिंग अभियान चलाया। रविवार 1 नवंबर को तड़के सुबह 5 बजे उत्तर, मध्य और पश्चिम जोन में एक साथ पुलिस टीमों ने विभिन्न बीएसयूपी कॉलोनियों में दबिश दी। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, बाहरी राज्यों और जिलों से आकर रहने वालों की जानकारी तथा किरायेदारों का सत्यापन किया गया।
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का नेतृत्व तीनों जोन के पुलिस उपायुक्तों ने किया। पुलिस टीमों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पहुंचकर रहवासियों की जानकारी जुटाई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
इन इलाकों में पहुंची पुलिस टीम
अभियान के तहत उत्तर जोन में उरला और खम्हारडीह थाना क्षेत्रों की बीएसयूपी कॉलोनियों में दबिश दी गई। मध्य जोन में कोतवाली थाना क्षेत्र के नेहरू नगर और गोलबाजार थाना क्षेत्र की बीएसयूपी कॉलोनी में जांच की गई। वहीं पश्चिम जोन में डीडी नगर थाना क्षेत्र के सरोना स्थित डिपरापारा बीएसयूपी कॉलोनी में पुलिस टीम ने सघन चेकिंग की।
बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों की जुटाई जानकारी
पुलिस ने कॉलोनियों में रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनसे संबंधित जानकारी जुटाई। दूसरे राज्यों और जिलों से आकर निवास करने वाले लोगों के दस्तावेजों और विवरणों का सत्यापन किया गया। साथ ही मकान मालिकों से किरायेदारों की जानकारी लेकर उनके पुलिस सत्यापन की स्थिति की समीक्षा की गई।
पुराने अपराधियों को दी गई चेतावनी
अभियान के दौरान पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे और पुलिस की निगरानी में रखे गए व्यक्तियों की भी जांच की गई। उन्हें अपराधों से दूर रहने और कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकरण की जांच या पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों को उपस्थित होकर सहयोग करना होगा।
तीन आबकारी मामले दर्ज, 11 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान थाना उरला क्षेत्र में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दो प्रकरण दर्ज किए गए। वहीं डीडी नगर थाना क्षेत्र के सरोना स्थित डिपरापारा बीएसयूपी कॉलोनी में एक प्रकरण दर्ज हुआ। इस तरह कुल तीन आबकारी प्रकरण बनाए गए। इसके अलावा 11 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई और एक गिरफ्तारी वारंट भी तामील किया गया।
