रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जनभागीदारी आधारित अभियान को नई गति दी गई है। टीबी उन्मूलन को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से जिले में ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से इस पहल का शुभारंभ किया।
अभियान के तहत जिले की सभी 163 ग्राम पंचायतों और 224 ग्रामों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी शुरुआत मरवाही विकासखंड से की जाएगी। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले ग्राम पंचायतों के सरपंचों, माय भारत वॉलंटियर्स और एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि जिले की 52 ग्राम पंचायतों को पूर्व में टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। इस उपलब्धि के बाद अब पूरे जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी का सफल इलाज संभव है। लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, कमजोरी और रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की जरूरत है।
19 सरपंच और 30 युवा सम्मानित
टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट योगदान के लिए मरवाही विकासखंड की 19 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया गया। वहीं जनजागरूकता अभियान में योगदान देने वाले 15 माय भारत वॉलंटियर्स और 15 एनसीसी कैडेट्स को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने टीबी उन्मूलन के लिए गांव-गांव जागरूकता बढ़ाने और संभावित मरीजों की समय पर पहचान व उपचार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, युवाओं और अन्य प्रतिभागियों ने ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ के संकल्प के साथ जिले को टीबी मुक्त बनाने की शपथ ली। ‘जोश टीम’ के माध्यम से अब ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के लक्षणों की पहचान, जांच, नियमित उपचार और जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जाएगा।
