रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की। डीबीटी के माध्यम से प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के खातों में 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। योजना के तहत अब तक माताओं-बहनों को 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।
दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 महिलाओं के खातों में भी 32वीं किस्त के रूप में 37.19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची।
दुर्ग को 218 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए 218 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें सड़क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा, नर्सिंग और विद्युत अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
23 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जबकि आईटीआई दुर्ग के 1.22 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण उन्नयन कार्य का लोकार्पण हुआ। सड़क निर्माण और चौड़ीकरण, जलाशयों के जीर्णोद्धार, नहर लाइनिंग, छात्रावास, जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र, लाइवलीहुड कॉलेज और विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार एक ओर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त परिवार और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है।
