कोटा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जिस फैसले की चर्चा हो रही थी, वह अब हकीकत बन (Kota Municipality) गया है। स्थानीय लोगों के बीच इस घोषणा को लेकर उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि प्रशासनिक दर्जे में हुए इस बदलाव का असर आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर दिखाई देगा।
नगर क्षेत्र के विस्तार और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए लंबे समय से उन्नयन की मांग उठ रही थी। अब शासन की अधिसूचना जारी होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी और शहर के रूप में कोटा की पहचान और मजबूत होगी।
बिलासपुर जिले का कोटा नगर पंचायत अब नगर पालिका परिषद बन गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। इसके साथ ही कोटा को आधिकारिक रूप से नगर पालिका का दर्जा मिल गया है।
अधिसूचना के साथ प्रक्रिया पूरी Kota Municipality
विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत कोटा की वर्तमान सीमाएं ही नगर पालिका कोटा की सीमाएं मानी जाएंगी। प्रशासनिक रूप से यह परिवर्तन अब प्रभावी हो गया है।
जनसंख्या के आधार पर मिला दर्जा
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कोटा क्षेत्र की जनसंख्या 18 हजार 405 दर्ज की गई थी। बढ़ती आबादी और शहरी आवश्यकताओं को देखते हुए इस क्षेत्र को नगर पालिका के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
नगर पालिका बनने के बाद क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ गई हैं। सड़क, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाओं के लिए अधिक योजनाएं और संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।
घोषणा अब हुई पूरी
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 14 अगस्त 2025 को कोटा को नगर पालिका बनाने की घोषणा (Kota Municipality) की थी। अब अधिसूचना जारी होने के साथ यह घोषणा पूरी तरह लागू हो गई है।
कानूनी प्रावधान के तहत गठन
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 5(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए नगर पालिका कोटा का गठन किया है। इस फैसले के बाद प्रदेश में नगर पालिकाओं की संख्या बढ़कर 56 हो गई है।
