Site icon Navpradesh

संपादकीय: राज्यसभा के राह केजरीवाल

Kejriwal on his way to Rajya Sabha

Kejriwal on his way to Rajya Sabha

Kejriwal on his way to Rajya Sabha: नई दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव हारने के बाद से मीडिया के सामने नहीं आ रहे हैं। अरविंद केजरीवाल के अगले कदमों को लेकर तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी का काम कर रहे हैं। उन्होंने ही आतिशी को नई दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनवाया है और उनके निर्देश पर ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में हंगामा खड़ा किया नतीजतन उनके खिलाफ पूरे सत्र के लिए निलंबन की कार्यवाही की गई है।

किन्तु खुद अरविंद केजरीवाल अब क्या करेंगे इसे लेकर कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। इसलिए यह चर्चा सरगर्म है कि अरविंद केजरीवाल राज्यसभा में जा सकते हैं। इस समय अरविंद केजरीवाल पंजाब से बने राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा के सरकारी निवास में रह रहें है अब वही संजीव अरोड़ा अरविंद केजरीवाल को राज्यसभा में भेजने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली के किसी राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा दिलवाकर राज्यसभा में जाने के बारे में सोच भी नहीं सकते क्योंकि ऐसी स्थिति में नई दिल्ली से भाजपा के प्रत्याशी की जीत हो जाएगी।

ऐसी स्थिति में उनके सामने एक ही रास्ता नजर बचता है कि वे पंजाब के किसी राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा दिलवा दें और उसकी जगह खुद राज्यसभा पहुंच जायें। पंजाब में आम आदमी पार्टी को विधानसभा में दो तिहाई से ज्यादा बहुमत प्राप्त है इसलिए वहां से उनका राज्यसभा में जाना बेहद आसान है। वैसे बीच में यह भी चर्चा चली थी कि अरविंद केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भी बन सकते हैंं। लेकिन भगवंत सिंह मान इसके लिए तैयार नहीं हैं और पंजाब के लोग भी एक हरियाणवीं को मुख्यमंत्री के रूप में कबूल नहीं करेंगे।

यदि अरविंद केजरीवाल ऐसी कोई कोशिश करते हैं तो आम आदमी पार्टी पंजाब में दो फाड़ हो सकती है। इस खतरे को भापकर ही अरविंद केजरीवाल ने पंजाब का मुख्यमंत्री बनने की जगह वहां से राज्यसभा में जाने का फैसला लिया हो सकता है। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि अरविंद केजरीवाल राज्यसभा में जाएंगे। किन्तु उनके लिए किसी संवैधानिक पद पर बने रहना जरूरी हो गया है।

नई दिल्ली विधानसभा में कैग की रिर्पोट रख दी गई है। जिसमें बहुचर्चित शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार के काले कारनामों का खुलासा हुआ है। अभी और भी अन्य घोटालों का खुलासा होना बाकी है। कैग की ऐसी चौदह रिर्पोटें हैं जो सदन के पटल पर रखी जानी है। जाहिर है अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढऩे जा रही है। शराब घोटाले में भी उन्हें इसी वजह से पहले अंतरिम जमानत और बाद में नियमित जमानत मिली थी क्योंकि वे नई दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर आसीन थे।

अब वे न तो मुख्यमंत्री हैं और न ही विधायक हैं ऐसे में कैग की रिर्पोट के बाद उनके खिलाफ कार्यवाही होती है और उन्हें फिर से जेल जाना पड़ता है तो उन्हें न्यायालय से कोई राहत मिलने की संभावना कम है। पहले तो वे अपना केस लडऩे के लिए नई दिल्ली सरकार के खर्च पर महंगे वकील भी रख लेते थे लेकिन अब यदि वे किसी संवैधानिक पद पर नहीं रहेंगे तो वकीलों का खर्च उन्हें खुद वहन करना होगा यही नहीं बल्कि उनसे सरकारी आवास भी छीना जा सकता है।

गौरतलब है कि वे शीशमहल से निकलने के बाद से राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पर डेरा डाले पडे हैं जहां वे लंबी अवधि तक नहीं रह सकते। यदि सरकार ने कार्यवाही की तो उन्हें राज्यसभा सदस्य का अवास खाली करना पड़ जाएगा। इन सब कारणों को देखते हुए यही लगता है कि अरविंद केजरीवाल पंजाब के रास्ते राज्यसभा में जा सकते हैं।

Exit mobile version