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Karnataka Vidhansabha : कर्नाटक ने कांग्रेस को संजीवनी दी

Karnataka Vidhansabha: Karnataka revives Congress

Karnataka Vidhansabha

Karnataka Vidhansabha : कर्नाटक विधानसभा चुनाव कांग्रेस के पक्ष में जाना कांग्रेस पार्टी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। लोकसभा चुनाव के पूर्व कर्नाटक में कांग्रेस को मिली यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि उसने दक्षिण भारत के एक राज्य में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। अब कांग्रेस को यूपीए गठबंधन में शामिल अन्य पार्टियां महत्व देने पर विवश हो जाएंगी। वैसे भी कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है और कर्नाटक में जीत के बाद अब देश के चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार बन गई है। वहीं तीन राज्यों में वह गठबंधन की सरकार में शामिल है।

कर्नाटक में कांग्रेस की जीत ने उन विपक्षी दलों को भी यह सोचने पर विवश कर दिया है जो कांग्रेस को अलग थलग कर आगामी लोकसभा चुनाव में तीसरा मोर्चा बनाने की कवायद कर रहे थे। अब यह बात दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ हो गई है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस का साथ बेहद जरूरी है। कर्नाटक चुनावों के नतीजे ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस को संजीवनी दे दी है। प्रदेश में कांग्रेस जश्न मना रही है और कार्यकर्ता नए उत्साह और जोश के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। कर्नाटक और मध्य प्रदेश में बहुत सी समानताएं हैं।

कर्नाटक की तरह ही मध्य प्रदेश में भी भाजपा-कांग्रेस में सीधा मुकाबला है। यहां भी भ्रष्टाचार एक अहम मुद्दा है। हनुमान भक्त कमलनाथ के मैदान पकडऩे से भाजपा का हिंदू कार्ड बेअसर हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने अपनी रणनीति को आकार देना शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक में बजरंग बली और कांग्रेस के कार्यकर्ता की जीत हुई। साफ है कि वह अपनी हनुमान भक्त की छवि को आगे ले जाना चाहेंगे। कर्नाटक में कांग्रेस ने 40 प्रतिशत कमीशन का मुद्दा उठाकर लुभावने वादे किए और भ्रष्टाचार को टारगेट किया। कांग्रेस मध्य प्रदेश में भी इसी बात को लेकर कायम है।

इसी वजह से उसका फोकस ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने को मुद्दा बनाए रखना होगा। कांग्रेस में कर्नाटक की प्रचंड जीत की तरफ़ बढऩे के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 2024 में राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया के ज़रिए राहुल गांधी को कर्नाटक की जीत का श्रेय दिया. कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी राहुल गांधी का नाम लेते नजऱ आए. दक्षिण भारत का द्वार कहे जाने वाले कर्नाटक में बीजेपी का कि़ला ध्वस्त करके कांग्रेस निश्चित रूप से मज़बूत स्थिति में आई है. किसी बड़े राज्य में लंबे समय बाद कांग्रेस को जीत हासिल हुई है।

कांग्रेस की जीत (Karnataka Vidhansabha) के बाद दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, कर्नाटक में नफऱत का बाज़ार बंद हुआ है, मोहब्बत की दुकानें खुली है. ये सबकी जीत है, सबसे पहले ये कर्नाटक की जनता की जीत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धुआंधार चुनाव प्रचार और आक्रामक अभियान के बावजूद कांग्रेस कर्नाटक में अपने मुद्दों पर टिकी रही और एक बड़ी जीत हासिल की है। विश्लेषक मानते हैं कि इस जीत के बाद निश्चित तौर पर कांग्रेस का मनोबल बढ़ेगा। केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक रूप से बेहद मज़बूत है और आगामी लोकसभा चुनावों में बीजेपी से टक्कर लेने के लिए विपक्ष को एकजुट करने की आवाज़े उठती रहीं हैं.

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