IPL Ticket Scam : नकली टिकट का खेल ऐसे चला कि मैदान पहुंचकर भी लोग रह गए बाहर

लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाहर उस वक्त कई लोगों के चेहरे उतर गए जब हाथ में टिकट होने के बाद भी उन्हें अंदर जाने से रोक (IPL Ticket Scam) दिया गया। मैच देखने पहुंचे दर्शकों में अचानक बेचैनी बढ़ गई। कुछ लोग टिकट बार बार दिखाते रहे तो कुछ एंट्री गेट पर कर्मचारियों से बहस करते नजर आए। इसी बीच नकली टिकट बेचने वाले गिरोह की चर्चा तेजी से फैलने लगी।

स्टेडियम के बाहर माहौल देर तक गरम रहा। लोगों के बीच यह बात फैल गई कि कुछ युवक असली जैसे दिखने वाले टिकट बेच रहे थे। कई दर्शक खुद को ठगा महसूस करते रहे। शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और फिर जांच का दायरा तेजी से बढ़ा। आसपास मौजूद लोग भी इस पूरे मामले को लेकर हैरानी जताते रहे।

चार युवक पकड़े गए : IPL Ticket Scam

मामले में दुर्ग के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये लोग क्रिकेट मुकाबले के दौरान नकली टिकट तैयार कर बेच रहे थे। कार्रवाई लखनऊ की साइबर टीम और स्थानीय पुलिस ने मिलकर की। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी टिकट, मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और प्रिंटिंग से जुड़ा सामान मिला है।

ऐसे सामने आया पूरा मामला

बताया गया कि सात मई को लखनऊ और बेंगलुरु के बीच मुकाबला खेला गया था। मैच देखने पहुंचे एक युवक को स्टेडियम के बाहर दो टिकट बेचे गए। टिकट लेने के बदले उसने ऑनलाइन भुगतान किया। लेकिन प्रवेश द्वार पर टिकट जांच होते ही उन्हें फर्जी बताया गया। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

ऑनलाइन भुगतान बना सुराग

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू (IPL Ticket Scam) की। जांच के दौरान ऑनलाइन लेनदेन का रिकॉर्ड सामने आया। इसी आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां भी सामने आई हैं।

तस्वीर डाउनलोड कर बनाए नकली टिकट

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे। इसके बाद डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार किए जाते थे। टिकट का आकार, डिजाइन और प्रिंट की जानकारी जुटाने के लिए उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक की भी मदद ली थी।

पैसों की जरूरत में रची योजना

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आर्थिक परेशानी और नया काम शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी वजह से उन्होंने यह तरीका अपनाया। गिरोह का एक सदस्य डिजाइनिंग का काम जानता था और उसने यह हुनर वीडियो और कोचिंग के जरिए सीखा था।

पहले भी कर चुके थे कोशिश

पुलिस के मुताबिक आरोपी इससे पहले दिल्ली के एक बड़े स्टेडियम में भी नकली टिकट बेचने की कोशिश (IPL Ticket Scam) कर चुके थे। वहां कामयाबी नहीं मिलने के बाद उन्होंने डिजाइन और तरीका बदलकर लखनऊ में लोगों को निशाना बनाया।

गिरोह के बाकी कनेक्शन खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। साथ ही दूसरे शहरों में भी ऐसे मामलों में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। गिरफ्तार युवकों में कुछ पढ़े लिखे बताए जा रहे हैं और अलग अलग काम से जुड़े हुए थे।

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