Health Scam : सरकारी अस्पतालों की दवाओं को लेकर बढ़ा विवाद, जांच की मांग के साथ लोकभवन पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं ने अब राजनीतिक रूप (Health Scam) ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल लोकभवन पहुंचा और राज्यपाल के नाम शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर लोगों के बीच भी चर्चा तेज है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि अस्पतालों में सप्लाई की जा रही कुछ दवाओं की गुणवत्ता को लेकर समय समय पर सवाल उठते रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है।

दवाओं की गुणवत्ता पर उठाए सवाल : Health Scam

पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने कहा कि पिछले कई महीनों से सरकारी अस्पतालों में वितरित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। उनका आरोप है कि मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन द्वारा समय समय पर जारी किए गए आदेशों में कुछ दवाओं को अमानक और निम्न स्तरीय बताते हुए वापस मंगाने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी घटनाओं ने दवा खरीदी और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले दो वर्षों में दवा खरीदी और आपूर्ति से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि कहीं अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अस्पतालों में दवाओं की कमी का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई आवश्यक दवाएं और चिकित्सा सामग्री अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। उनके अनुसार कुछ जरूरी दवाओं की आपूर्ति प्रभावित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि कुछ स्थानों पर आवश्यक जांच किट और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की उपलब्धता भी सीमित है।

स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर भी सवाल

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि जरूरतमंद मरीजों को मिलने वाली सहायता योजनाओं का लाभ पहले की तुलना में कम (Health Scam) हो गया है। इस संबंध में उन्होंने राज्य सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।

लोकभवन में सौंपा ज्ञापन

लोकभवन पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में विकास उपाध्याय के साथ चिकित्सा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और पार्टी के अन्य नेता भी शामिल (Health Scam) रहे। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि मरीजों के हित और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर शीघ्र निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

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