संपादकीय: टीएमसी में गहराती अंतर्कलह

Editorial: बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद अब टीएमसी में अंतरकलह गहराने लगी है। टीएमसी सुप्रीमों ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की पराजय का ठिकरा अपने ही नेताओं के सिर पर फोडऩा शुरू कर दिया है। जबकि टीएमसी के कई विधायक और अन्य नेता टीएमसी की हार के लिए ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

यह बात ममता बनर्जी को नागवार गुजर रही है और उन्होंने ऐसे नेताओं पर भी अनुशासन की तलवार चलानी शुरू कर दी है। उन्होंने टीएमसी के तीन राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है इसके अलावा दर्जनभर अन्य नेताओं को भी पार्टी से निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि टीएमसी के प्रवक्तर रिजू दत्ता ने पार्टी की हार के लिए अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया था इसी से ममता बनर्जी नाराज हो गई।

अपने निष्कासन के बाद रिजू दत्ता ने टीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाएं हैं और उन्होंने एक चौकाने वाला यह बयान दिया है कि चुनाव में टीएमसी की हार के बाद उनकी कार को भाजपाईयों ने घेर लिया था तब उन्हें अपने जान की चिंता सताने लगी थी। खासतौर पर अपने मुस्लिम ड्रायवर को लेकर वे चिंतित हो उठे थे लेकिन भाजपाईयों ने उन्हें कुछ नहीं कहा और जाने दिया।

रिजू दत्ता ने यह भी कहा है कि जिस दिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या हुई थी और शुभेंदु अधिकारी अस्पताल से बाहर निकले थे तो उन्होंने एक बयान देेकर पांच हजार से ज्यादा टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान बचा दी थी। मुख्यमंत्री ने आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे कानून अपने हाथ में न लें दोषियों के खिलाफ सरकार कड़ी से कड़ी कार्यवाही करेगी। यदि शुभेंदु अधिकारी ऐसा नहीं कहते तो उस दिन हजारों टीएमसी कार्यकताओं की हत्या हो जाती।

इसी तरह टीएमसी के विधायक नियामत शेख और अखरूजम्मा ने टीएमसी की हार का कारण हुमायूं कबीर को पार्टी से निकालना बताया है जिन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाकर टीएमसी को नुकसान पहुंचाया। मुस्लिम वोट बट गये और हिन्दू वोट एकजूट हो गये। टीएमसी के अन्य नेताओं ने भी पार्टी की हार का कारण ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की मनमानि को बताया है।

कुल मिलाकर टीमएसी में अब अंतरकलह गहराने लगी है और पार्टी अब टूट की कगार पर पहुंच रही है। यह गनीमत है कि भाजपा ने टीमएमसी नेताओं के लिए अपने दरवाजे अभी बंद रखें हैं वरना बड़ी संख्या में विधायक और अन्य नेता टीएमसी से पल्ला झाड़कर भाजपा में शामिल हो गये होते। देर सवेर टीएमसी का टूटना तय माना जा रहा है।

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