अक्सर लोग स्वास्थ्य को केवल बीमारी न होने से जोड़कर देखते (Healthy Body Signs) हैं, लेकिन असल में एक स्वस्थ शरीर रोजमर्रा की कुछ सामान्य गतिविधियों के जरिए खुद ही अपनी फिटनेस का संकेत देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अच्छा स्वास्थ्य शारीरिक, मानसिक और जैविक संतुलन का परिणाम होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शरीर की कुछ प्राकृतिक प्रक्रियाएं सही तरीके से चल रही हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि आप अंदर से स्वस्थ और फिट हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, नींद के दौरान सपने आना शरीर और दिमाग के सही तरीके से काम करने का संकेत है। यह REM नींद का हिस्सा होता है, जो याददाश्त, मानसिक संतुलन और मस्तिष्क की रिकवरी के लिए जरूरी है। यदि आपको नियमित रूप से गहरी नींद और स्पष्ट सपने आते हैं, तो यह आपके न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य के लिए अच्छा संकेत माना जाता है।
इसी तरह, शरीर पर लगी चोट या घाव का जल्दी ठीक होना मजबूत इम्यून सिस्टम और बेहतर ब्लड सर्कुलेशन (Healthy Body Signs) का संकेत है। जब शरीर को पर्याप्त पोषण और ऑक्सीजन मिलती है, तो सेल्स तेजी से रिपेयर होते हैं और घाव जल्दी भर जाते हैं। यह शरीर की आंतरिक हीलिंग क्षमता को दर्शाता है।
पाचन तंत्र का सही तरीके से काम करना भी स्वस्थ शरीर का अहम संकेत है। नियमित रूप से बाथरूम जाना और पाचन संबंधी समस्याओं का न होना दर्शाता है कि आंतों का माइक्रोबायोम संतुलित है और शरीर भोजन से पोषक तत्व सही तरीके से प्राप्त कर रहा है। यह पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा स्तर को प्रभावित करता है।
इसके अलावा पेशाब का हल्का पीला रंग शरीर में सही हाइड्रेशन लेवल का संकेत देता है। यह बताता है कि किडनी सही तरीके से काम कर रही हैं और शरीर में पानी का संतुलन बना हुआ है। बहुत ज्यादा गहरा या बिल्कुल पारदर्शी रंग असंतुलन का संकेत हो सकता है, इसलिए हल्का पीला रंग सामान्य और स्वस्थ माना जाता है।
यदि आप बिना अलार्म के नियमित समय पर खुद ही जाग (Healthy Body Signs) जाते हैं, तो यह आपके शरीर की सर्कैडियन रिदम के संतुलित होने का संकेत है। इसका मतलब है कि आपका शरीर प्राकृतिक रूप से आराम और जागने के चक्र का पालन कर रहा है, जो अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये संकेत बताते हैं कि शरीर अंदर से संतुलित और मजबूत है। हालांकि, लंबे समय तक थकान, नींद की कमी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

