खाड़ी देशों की चमचमाती सड़कें, ऊंची इमारतें और आधुनिक सुविधाएं दुनिया भर के लोगों को आकर्षित (GCC Railway) करती हैं। यहां की आर्थिक ताकत किसी से छिपी नहीं है, लेकिन एक बात आज भी लोगों को हैरान करती है। इतनी समृद्धि के बावजूद कई देशों में लंबी दूरी की ट्रेनें नहीं चलतीं।
अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि जब इन देशों के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है, तो फिर रेलवे नेटवर्क क्यों विकसित नहीं किया गया। इसकी वजह केवल पैसा नहीं, बल्कि इन देशों की भौगोलिक और सामाजिक जरूरतों से जुड़ी हुई है।
छोटे आकार के कारण नहीं पड़ी रेलवे की जरूरत GCC Railway
कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान जैसे देशों में आंतरिक राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क या लंबी दूरी की यात्री ट्रेनें नहीं चलती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इन देशों का छोटा भौगोलिक क्षेत्र और अपेक्षाकृत कम आबादी है।
इन देशों में ज्यादातर यात्राएं कम दूरी की होती हैं। ऐसे में रेलवे की तुलना में सड़क परिवहन अधिक सुविधाजनक और किफायती माना गया। इसी कारण सरकारों ने रेलवे के बजाय आधुनिक सड़कों और एक्सप्रेसवे के विकास पर ज्यादा ध्यान दिया।
कार और बस बने मुख्य परिवहन साधन
तेल और गैस से समृद्ध होने के कारण इन देशों ने विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार किया है। यहां निजी कारों का उपयोग बहुत अधिक होता है, जबकि बस सेवाएं भी काफी विकसित हैं।
एक देश से दूसरे देश तक जाने के लिए भी लोग सड़क मार्ग का इस्तेमाल कर लेते हैं। कम दूरी और बेहतरीन सड़क नेटवर्क के कारण रेलवे की आवश्यकता लंबे समय तक महसूस नहीं की गई।
मेट्रो से पूरी की गई शहरी जरूरत
भले ही लंबी दूरी की ट्रेनें नहीं चलतीं, लेकिन शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक मेट्रो नेटवर्क विकसित (GCC Railway) किए गए हैं।
कतर की राजधानी दोहा में मेट्रो सेवा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, जिससे शहर के भीतर लाखों लोगों का सफर आसान हो गया है। इसी तरह अन्य खाड़ी देश भी शहरी परिवहन को बेहतर बनाने पर लगातार काम कर रहे हैं।
अब बदलने वाली है तस्वीर
खाड़ी देशों ने अब आपस में रेल संपर्क बढ़ाने के लिए एक बड़ी परियोजना शुरू की है। इसे जीसीसी रेलवे परियोजना नाम दिया गया है। इसके तहत कुवैत, कतर, बहरीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान को करीब 2,117 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद इन देशों के बीच ट्रेन से यात्रा संभव होगी। बहरीन और कतर तक रेल लाइन समुद्र के ऊपर बने पुलों के जरिए पहुंचेगी।
2030 तक शुरू हो सकती है ट्रेन सेवा
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार रेल नेटवर्क का करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वर्तमान योजना के मुताबिक इसे दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना पूरी होने के बाद लोग कतर से बहरीन, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात तक ट्रेन से सफर (GCC Railway) कर सकेंगे। फिलहाल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रेल सेवाएं संचालित हैं, जबकि कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान इस नई परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
