बिहार के सारण जिले में शनिवार को एक बड़े स्वास्थ्य प्रोजेक्ट की शुरुआत के दौरान अलग ही माहौल देखने (Gautam Adani Eye hospital) को मिला। मस्तीचक इलाके में बड़ी संख्या में लोग जुटे और आंखों के इलाज से जुड़ी नई पहल को लेकर उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम में पहुंचे गौतम अडाणी और प्रीति अडाणी ने सेवा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई अहम बातें कहीं।
ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से सस्ती और बेहतर नेत्र चिकित्सा की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऐसे में इस नए प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों के बीच उम्मीद बढ़ गई है। खासकर दूरदराज गांवों के मरीजों को इससे राहत मिलने की बात कही जा रही है।
150 करोड़ के नेत्र अस्पताल की रखी गई नींव : Gautam Adani Eye hospital
अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने बिहार के सारण जिले के मस्तीचक में बड़े नेत्र स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी। इस परियोजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सस्ती और सुलभ आंखों की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल के तहत अडाणी सेंटर फॉर आई डिजीज और नेत्र चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।
हर साल लाखों मरीजों को मिलेगा लाभ
बताया गया है कि इस परियोजना के जरिए हर साल करीब 3 लाख 30 हजार आंखों की सर्जरी की जा सकेगी। इसके अलावा नेत्र चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों और विशेषज्ञों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। माना जा रहा है कि यह देश के बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्क में शामिल हो सकता है।
700 करोड़ से ज्यादा सहयोग देने का संकल्प
गौतम अडाणी ने कहा कि आने वाले वर्षों में सेवा और स्वास्थ्य से जुड़े इस अभियान के लिए 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का सहयोग देने का संकल्प (Gautam Adani Eye hospital) लिया गया है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक बेहतर नेत्र चिकित्सा पहुंचाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
गांवों तक पहुंचेगी चिकित्सा सुविधा
कार्यक्रम के दौरान 10 एंबुलेंस को भी रवाना किया गया। इनकी मदद से बिहार और आसपास के दूरस्थ गांवों तक आंखों के इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।
सेवा और मानवता पर दिया जोर
गौतम अडाणी ने कहा कि किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं बल्कि उसके जीवन में उम्मीद और आत्मविश्वास वापस (Gautam Adani Eye hospital) लाने जैसा है। उन्होंने सेवा को सबसे बड़ी साधना बताते हुए समाज के कमजोर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचाने की बात कही।
