वन क्षेत्रों में अतिक्रमण की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी (Forest Encroachment) बढ़ा दी है। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले वन विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्रों का जायजा लेने में जुटे हैं। अभियान शुरू होने के बाद वन सीमाओं से लगे इलाकों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
वन भूमि की सुरक्षा को लेकर विभागीय स्तर पर विशेष तैयारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी।
15 जून तक चलेगा विशेष अभियान : Forest Encroachment
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर बलौदाबाजार वनमंडल में विशेष एंटी एनक्रोचमेंट ड्राइव शुरू किया गया है। यह अभियान 15 जून तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत वन भूमि पर अतिक्रमण की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए गए हैं।
संयुक्त टीम करेगी निरीक्षण
अभियान के दौरान अंतर परिक्षेत्रीय संयुक्त दल विभिन्न वन क्षेत्रों का दौरा करेंगे। टीम वन सीमाओं, वनखंडों और बीट क्षेत्रों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन (Forest Encroachment) करेगी। विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा जिनकी सीमाएं गांवों और कृषि भूमि से जुड़ी हुई हैं।
अवैध गतिविधियों पर रहेगी नजर
निरीक्षण के दौरान वन भूमि पर संभावित अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध उत्खनन और अन्य गतिविधियों की जांच की जाएगी। साथ ही वन सीमाओं और मुनारों की स्थिति का भी परीक्षण होगा। अधिकारियों को आवश्यक अभिलेख, नक्शे और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि सही मूल्यांकन किया जा सके।
वन क्षेत्रों का होगा विस्तृत आकलन
वन क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियों, पशुओं के दबाव, खरपतवार की स्थिति और वन अधिकार मान्यता पत्रों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा (Forest Encroachment) की जाएगी। वन विभाग का कहना है कि अभियान के दौरान प्राप्त सुझावों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
