Fake MST Ticket Durga: भीड़ में चल रहा था खेल, दुर्ग स्टेशन पर छात्रों का फर्जी टिकट नेटवर्क पकड़ा गया

दुर्ग रेलवे स्टेशन पर Fake MST Ticket Durga का मामला सामने आने के बाद यात्रियों में हलचल (Fake MST Ticket Durga) बढ़ गई है। गर्मी के दिनों में पहले से ही ट्रेनों में भीड़ और सीट के लिए संघर्ष चल रहा था, उसी बीच यह फर्जीवाड़ा लोगों के सामने आया तो कई लोग हैरान रह गए। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि वे असली टिकट ले रहे हैं या नकली।

स्टेशन पर मौजूद लोगों के बीच इस घटना को लेकर तरह तरह की बातें हो रही हैं। Fake MST Ticket Durga के खुलासे के बाद कई यात्रियों ने अपने टिकट को लेकर शक जताना शुरू कर दिया। माहौल ऐसा था कि हर कोई जल्दी में था और उसी जल्दबाजी का फायदा उठाकर यह पूरा खेल चल रहा था।

जांच में खुला Fake MST Ticket Durga

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल की ओर से चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान के दौरान डुप्लीकेट एमएसटी टिकट बनाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के निर्देश पर टीम ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। कार्रवाई के दौरान पकड़े गए चार छात्रों को आगे की प्रक्रिया के लिए Railway Protection Force दुर्ग को सौंप दिया गया है।

भीड़ और गर्मी बना मौका (Fake MST Ticket Durga)

इन दिनों तेज गर्मी के कारण बड़ी संख्या में यात्री लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। खास तौर पर रायपुर से डोंगरगढ़ जाने वाली लोकल ट्रेन में रोजाना भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इसी भीड़ और जल्दीबाजी की स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग फर्जी एमएसटी टिकट बेचकर यात्रियों को धोखा दे रहे थे।

किलाबंदी चेकिंग में खुलासा

दुर्ग स्टेशन पर चलाए गए किलाबंदी चेकिंग अभियान के दौरान वरिष्ठ टिकट परीक्षक प्रिया को एक यात्री का एमएसटी टिकट संदिग्ध (Fake MST Ticket Durga) लगा। जब उस टिकट की गहराई से जांच की गई तो वह नकली पाया गया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह कोई एकल मामला नहीं बल्कि संगठित तरीके से चल रहा नेटवर्क था।

मोबाइल ऐप से तैयार नकली टिकट

आरोपियों ने यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप से जारी असली टिकट की इमेज का इस्तेमाल कर उसकी कॉपी तैयार की और फिर उसे कई लोगों को शेयर कर बेचना शुरू किया। गर्मी के मौसम में टिकट की ज्यादा मांग और भीड़ की स्थिति ने इस फर्जी धंधे को तेजी से फैलने का मौका दिया।

छात्र ही निकले मास्टरमाइंड

जांच में यह भी सामने आया कि शंकराचार्य कॉलेज के चार छात्र इस गिरोह में शामिल थे। इनमें कुलदीप बिश्नोई मुख्य आरोपी बताया गया है, जबकि यू ओंकार, अखिलेश साहू और राहुल साहू भी इसमें शामिल थे। मुख्य आरोपी ने माना कि उसने फर्जी टिकट बनाकर अपने साथियों को दिया, जिन्होंने आगे इसे यात्रियों तक पहुंचाया।

एक आरोपी अभी फरार

इस मामले में हर्ष नाम का एक अन्य छात्र भी शामिल (Fake MST Ticket Durga) बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। Fake MST Ticket Durga ने यह साफ कर दिया है कि भीड़ और जल्दबाजी के बीच लोग कितनी आसानी से ठगी का शिकार हो सकते हैं।

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