Fake Gold Powder Scam : मिलावट करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई और उसके व्यापार पर लगेगा प्रतिबंध
शैलेश पाठक
रायपुर/इंदौर/नवप्रदेश। सोने की चमक के पीछे अब मिलावट का ऐसा नया खेल सामने आया है, जिसने सराफा कारोबारियों (Fake Gold Powder Scam) की चिंता बढ़ा दी है। पावडर गोल्ड के नाम पर भारी धातुओं का महीन चूरा सोने में मिलाकर उसका वजन बढ़ाने की शिकायतें सामने आई हैं। हैरानी की बात यह है कि इस तरह की मिलावट सामान्य जांच और पारंपरिक तरीकों से पकड़ में नहीं आती। गहने बनाने वाले कुछ कारीगरों की शिकायत के बाद इंदौर के सराफा बाजार में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर चांदी-सोना-जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन ने आपात बैठक बुलाकर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन ने बुलियन कारोबारियों और दलालों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि गहने बनाने के लिए दिए जाने वाले सोने की शुद्धता सुनिश्चित करें। 99.50 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के कारोबार (Fake Gold Powder Scam) में मिलावट की शिकायत प्रमाणित होने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उसके व्यापार पर प्रतिबंध भी लगाया जाएगा। एसोसिएशन का उद्देश्य करीब डेढ़ सौ साल पुराने सराफा बाजार की साख और ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना है। सराफा व्यापारियों के अनुसार दो-तीन वर्षों से सोने में नई तरह की मिलावट का दौर शुरू हुआ है। पहले मुंबई या अन्य शहरों से ही खबरें आ रही थी कि कुछ भारी धातुएं रुथेनियम, इरिडियम, कास्मियम जैसी नई तरह की मिलावट सोने में की जा रही है।
सामान्य एसिड टेस्ट (एक्वा रेजिया), कसौटी पर घिसने जैसी जांच में भी ये मिलावट पकड़ में नहीं आती। पुराने दौर की कैरेट जांचने वाली मशीनें भी इस नई मिलावट के सामने फेल हो गई थी। बीते दिनों लगातार बाजार में खबरें आई कि महाराष्ट्र की ओर से कुछ थोक आपूर्तिकर्ता लागत से कम में रेडीमेड ज्वेलरी की आपूर्ति करने को तैयार है। दूसरी ओर कुछ सोने के बिस्किट बार भी प्रचलित दाम से कम में खरीदी-बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद शक गहराया कि सोने में मिलावट की जा रही है, जो सामान्य तौर पर पकड़ में नहीं आ रही।
सोने को गलाया तो कम हुआ
सराफा के व्यापारी सूत्रों के अनुसार सराफा (Fake Gold Powder Scam) में बीते दिनों ऐसे सोने के बार से गहने बनाने के लिए किसी कारीगर को दिए गए। उसने गलाया और प्रोसेसिंग की तब सोना कम निकला। इसके बाद मामले मेें शिकायत हुई और बात फैली। इस बीच व्यापारी आगह करते रहे कि नई दौर की ऐसी मिलावट से सचेत रहे। आखिरकार सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने बैठक बुलाकर कदम उठाने का निर्णय लिया, ताकि बाजार की साख प्रभावित न हो और ग्राहकों का विश्वास बना रहे। बैठक में निर्णय लिया गया ऐसे सोने की आपूर्ति करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
सामान्य जांच में गड़बड़ी पकड़ में नहीं आती
सराफा व्यापारियों के अनुसार गोल्ड पावडर नामक कोई धातु का चूरा सोने में मिलावट के लिए महाराष्ट्र और बंगाल की ओर से देशभर में आपूर्ति होने की चर्चा है। ऐसी आशंका है कि इरिडियम, रुथेनियम, कास्मियम जैसी कुछ धातुओं या उनके समूह की मिश्रधातुओं से चीन में ही ये पावडर तैयार हो रहा है। पावडर की लागत भी सोने से दस प्रतिशत ही होती है। ऐसे में पावडर की थोड़ी सी मिलावट सोने का भार बढ़ा देती है, क्योंकि ये पावडर काफी भारी होता है। साथ ही सामान्य तौर पर गलनांक ज्यादा होने पर सोने के साथ पिघलता नहीं। ऐसे में सामान्य जांच में मिलावट पकड़ में नहीं आती। ना ही मिलावट वाले सोने की रंगत पर सामान्य आंखों से अंतर नजर आता है।
छत्तीसगढ़: कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे मिलावटी सोना?
सोने में पावडर गोल्ड के नाम पर नई तरह की मिलावट (Fake Gold Powder Scam) की खबर ने छत्तीसगढ़ के सराफा बाजार और ग्राहकों के सामने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसी मिलावट छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुकी है? फिलहाल प्रदेश में इस तरह की मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन दूसरे राज्यों से होने वाली सोने की आपूर्ति को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। ग्राहक सोना खरीदते समय केवल रंग, चमक या दुकानदार के भरोसे पर निर्भर न रहें। आभूषण पर बीआईएस का हॉलमार्क, कैरेट में शुद्धता और छह अंकों का एचयूआईडी नंबर जरूर जांचें। बीआईएस केयर एप के ‘वेरीफाई एचयूआईडी’ विकल्प से हॉलमार्क की प्रामाणिकता और आभूषण की दर्ज शुद्धता की पुष्टि की जा सकती है। खरीदारी के दौरान पक्का बिल लें और उसमें सोने का शुद्ध वजन, कैरेट, प्रति ग्राम भाव तथा मेकिंग चार्ज अलग-अलग दर्ज करवाएं। यदि सोने की शुद्धता पर संदेह हो तो बीआईएस से मान्यता प्राप्त जांच केंद्र में आभूषण की जांच कराई जा सकती है।
व्यापार पर भी प्रतिबंध
कुछ मौखिक शिकायतें मिली थी कि गहने बनाने के लिए मिले सोने में कुछ परेशानी आई है। व्यापारी एसोसिएशन ने बुलियन व्यापारी एसोसिएशन और दलाल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। इसमें स्पष्ट निर्णय लिया गया कि 99.50 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने में ही व्यापार होगा। जिसने उल्लंघन किया और पावडर गोल्ड के मिलावट की शिकायत मिली तो उस पर कानूनी कार्रवाई के साथ उसके व्यापार पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
- अविनाश शास्त्री, सराफा व्यापारी एसोसिएशन, इंदौर
सराफा एसोसिएशन तक शिकायत नहीं
छत्तीसगढ़ में इस तरह की कोई शिकायत सराफा एसोसिएशन तक नहीं पहुंची है। हम लोग लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। कोई शिकायत मिलती है तो कार्रवाई करेंगे। ग्राहकों के लिए भी एसोसिएशन लगातार जागरूकता अभियान चलाता है।
- कमल सोनी, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन
