संपादकीय: सम्राट को बिहार की कमान

Editorial: आमतौर पर भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व किसी भी राज्य के विधानसभा चुनाव के बाद बहुमत मिलने पर उस राज्य के मुख्यमंत्री पद पर ऐसे नेता या नेत्री की नियुक्ति करता रहा है, जिससे सब चौंक जाते थे। बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और उनके राज्यसभा में चले जाने के बाद से बिहार में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्रीÓ को लेकर अटकलों का बाजार गर्म रहा। मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में कई नाम चर्चा में रहे। यह भी कयास लगाए जाते रहे कि इस बार बिहार में किसी महिला नेत्री को मुख्यमंत्री पद से नवाजा जाएगा।

इसके लिए तीन महिला विधायकों के नामों की चर्चा सरगर्म रही। किन्तु पार्टी हाईकमान ने नीतीश कुमार की सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी। जब से नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने की चर्चा चल रही थी, तब से मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी को ही प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन बाद में अन्य नामों की चर्चा होने लगी थी। बहरहाल, अब बिहार की राजनीति में नीतीश युग की समाप्ति के बाद सम्राट युग की शुरुआत हो गई है।

सम्राट चौधरी बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। आज तक बिहार में कभी भाजपा अपना मुख्यमंत्री नहीं बना पाई थी। इसके साथ ही सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति में ऐसे दूसरे मुख्यमंत्री बने हैं, जिनका उपमुख्यमंत्री पद के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए चयन हुआ है। इसके पहले स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर को यह गौरव प्राप्त हुआ था। बिहार में नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर ली है और उन्होंने जदयू के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए हैं। पहले उपमुख्यमंत्री पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे का नाम भी चर्चा में था, लेकिन उन्होंने खुद ही उपमुख्यमंत्री बनने से इनकार कर दिया।

सम्राट चौधरी जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का गठन करेंगे और इसमें भी जदयू के अन्य सहयोगी दलों को उचित प्रतिनिधित्व देंगे। सम्राट चौधरी वैसे तो राष्ट्रीय जनता दल से भाजपा में आए थे, लेकिन उन्होंने पार्टी में तेजी से अपना स्थान बनाया है। बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अपनी सांगठनिक क्षमता का परिचय दिया और उसके बाद नीतीश कुमार की सरकार में उपमुख्यमंत्री पद का दायित्व जिस कुशलता के साथ निभाया, उससे वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह की आँखों के तारे बन गए थे।

पिछले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सम्राट चौधरी के निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि आप लोग सम्राट चौधरी को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे। तभी से यह तय हो गया था कि सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे।

अंतत: वही हुआ। पिछड़ी जाति से आने वाले सम्राट चौधरी एक तेज-तर्रार नेता माने जाते हैं और उन्हें सत्ता तथा संगठन दोनों का ही अच्छा अनुभव है। वे नीतीश कुमार के भी पसंदीदा नेता रहे हैं। ऐसे में वे बिहार को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने में सफल हो सकते हैं। बिहार की बागडोर संभालने के बाद उन्होंने कहा है कि वे मोदी-नीतीश मॉडल को ही आगे बढ़ाएंगे और बिहार की समृद्धि के लिए पहले दिन से ही जुट जाएंगे। इससे उम्मीद की जानी चाहिए कि उनके नेतृत्व में बिहार विकास के नए प्रतिमान गढ़ेगा।

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