Editorial: खाड़ी संकट के चलते देश के किसानों के सामने रसायनिक खादों का संकट खड़ा हो गया है। धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ के किसानों को भी खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है जिन्हें खाद के लिए भटकना पड़ रहा है इसलिए संकट से निपटने सरकार को प्रभावी पहल करनी होगी। इस दिशा में छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने कड़े कदम उठाने शुरू भी कर दिये हैं जो स्वागत-ए-योग्य है। छत्तीसगढ़ में वैसे तो खाद की कमी तो है ही लेकिन वितरण व्यवस्था भी गड़बडा गई है
इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों को समय पर समुचित खाद उपलब्ध कराई जाये और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पर उन्होंने कोरिया जिले में सुशासन तिहार के दौरान दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके साफ संदेश दे दिया है कि खाद वितरण व्यवस्था में लापरवाही बरतने वालों को कतई नहीं बख्शा जाएगा।
प्रदेश के कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने भी कहा है कि खाद अयात प्रभावित होने से किसानों को जो दिक्कत हो रही है उसे दूर करने के लिए किसानों के हित में खाद वितरण की नई व्यवस्था लागू की जा रही है और इस बारे में सरकार सजग है। सरकार को चाहिए कि इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करे ताकि किसानों को खासतौर पर छोटे और मझोले किसानों को राहत मिल सके। खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस तरह की ही प्रभावी पहल से भी इस संकट से निपटा जा सकेगा।
